ट्रिपल तिहेरी तलाक क्या है मतलब triple talaq bill meaning hindi teen talak 3

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 Trpial Talaq Meaning hindi Facts 

इस्लाम में तलाक की एक प्रकिया बताई गई है जिसके अनुसार मुस्लिम समाज और भारत में विवाहित मुस्लिम इंसान अपनी बीवी से तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर अपने विवाहित जीवन को तोड़ सकता है triple talaq को तलाक-उल-बिद्दत भी कहते हैं।

Triple talaq bill passed or not 

बिल के अनुसार जुबानी, लिखित या किसी इलेक्ट्रॉनिक (Whatsapp, ईमेल, SMS) के माध्यम से एक साथ तीन तलाक जैसे वाक्य बोलना तलाक-ए-बिद्दत भारत में गैरकानूनी और गैर जमानती होगा इसमें महिला अपने नाबालिग बच्चों की कस्टडी और गुजारा भत्ते का दावा भी कर सकेगी निश्चित रूप से यह बिल सायरा बानो, जकिया हसन जैसे सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं के अथक संघर्ष की जीत है

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Triple talaq ordinance

भारत DESH में तीन तलाक का जारी रहना धर्मनिरपेक्ष व लोकतंत्रिक गणतंत्र में चिंतनीय था 3तलाक के खिलाफ आए bill जब कानून बन जाएगा तो इससे मुस्लिम महिलाओं की गरिमा की हिफाजत होगी, उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उन्हें सम्मान से जीने की हक मिलेगा उनके पास तीन तलाक के खिलाफ एक कानूनी हथियार होगा।

तलाक लेने के नियम 2018

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि इस प्रावधान का मकसद है कि दोनों पक्ष किसी भी तरह बरकरार रखने में विफल हैं तो आपसी सहमति से विवाह तोड़ें और उपलब्ध विकल्पों का लाभ ले सकें। छह महीने की मियाद इसलिए रखी गयी ताकि जल्बाजी में लिए गए तलाक के फैसलों पर लगाम लग सके और समझौते की कोई गुंजाइश हो तो उसका लाभ लिया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की खंडपीठ ने ये हिंदू विवाह अधिनियम के धारा 13बी(2) को स्पष्ट करते हुए ये फैसला दिया। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत अगर दोनों पक्ष न्यूनतम छह महीने और अधिकतम 18 महीने तक तलाक की अर्जी वापस नहीं लेते तो अदालत को विवाह खत्म होने का आदेश दे देना चाहिए।

धारा 13बी(2) के तहत दिया गया समय दोनों पक्षों को अपने फैसले पर विचार करने के लिए दिया जाता है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समझौते की सभी कोशिशें विफल हो जाने, बच्चे, गुजाराभत्ता और बाकी मसलों पर आपसी सहमति बन जाने की स्थिति में छह महीने तक तलाक के लिए इंतजार करने के नियम में छूट दी जा सकती है।

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