कोल्ड ड्रिंक से दूरी भली...सेहत  डॉ. अदिति शर्मा, आहार विशेषज्ञ, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, गाज़ियाबाद

वज़न बढ़ना
वज़न बढ़ने का एक कारण सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक सेवन भी हो सकता है। एक कोल्ड ड्रिंक में कम से कम दस चम्मच शक्कर हो सकती है। शक्कर की अधिक मात्रा से मोटापा, डायबिटीज़ आदि जीवनशैली से जुड़े रोगों का ख़तरा बढ़ जाता है। वज़न बढ़ने से बहुत से मेटाबॉलिक डिसॉर्डर, हायपरटेंशन, हृदयरोग की आशंका बढ़ जाती है।

लिवर पर प्रतिकूल प्रभाव
अधिक शुगर शरीर में ग्लायकोज़न के रूप में स्टोर हो जाती है। लिवर में स्टोर हुआ ग्लायकोजन धीरे-धीरे शरीर को मिलता रहता है। लेकिन शक्कर की मात्रा अधिक होने पर लिवर पर अतिरिक्त भार पड़ता है। सॉफ्ट ड्रिंक की अधिकता का किडनी पर भी अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ता है।

दांतों में कैविटीज़
सॉफ्ट ड्रिंक की प्रकृति अम्लीय (एसीडिक) होती है क्योंकि इनका पीएच लेवल ज़्यादा होता है। इसका असर दांतों के इनेमल पर होता है। कुछ कोल्ड ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड होता है जिसका संबंध हड्‌डी रोग और ऑस्टियोपोरोसिस से है। यह हड्‌डियों को कमज़ोर भी कर सकते हैं।

त्वचा पर भी असर
अमूमन बच्चे कोल्ड ड्रिंक के साथ दूसरे जंक फूड भी लेते हैं जिससे केवल शरीर में कैलोरीज़ की मात्रा ही बढ़ती है। इनमें पोषणतत्व न के बराबर होते हैं। प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन त्वचा की कोमलता और लचीलेपन पर बुरा असर डालता है। हालांकि कभी-कभी इनका सेवन किया जा सकता है। इनके स्थान पर सॉफ्ट ड्रिंक के स्थान पर नींबू पानी, फल व सब्जि़यों का जूस ले सकते हैं।

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