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डेंगू के लक्षण और बचाव के उपाय Dengu treatment papaya at home

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Dengue treatment platelet count in hindi meaning - यह ज्वर एडिस एजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलता हैं. बरसात के बाद रुके हुए पानी में यह मच्छर तेजी से पनपता है. इसलिए बारिश के बाद पानी को खासतौर पर घरो के आस-पास जमा न होने दे. जहाँ पानी का निकलना सम्भव नही है वहाँ कीटनाशक दवा, मोबिलऑयल व् मिटटी के तेल से पानी के ऊपर एक पतली सी परत बना देनी चाहिए. जिससे मच्छर के लार्वा की शवसन क्रिया में बाधा होने से वह मर जाते हैं.
लक्षण dengu ke lakshan -dengue symptoms
  • रोगी को अचानक सर्दी लगकर बहुत तेज बुखार होता है. 
  • शरीर में तेज दर्द, हडिडयों में भी तेज दर्द होता हैं. 
  • सिर में दर्द, आँखों में दर्द, 
  • माँस-पेशियों में दर्द, जोड़ो में भी दर्द होता हैं. 
  • शरीर का तापमान 102° से 106° सेंटीग्रेड तक पहुँच सकता हैं.
ज्वर की अवस्था में रोगी को भूख नही लगती. स्पर्श करने पर व्याकुल हो जाता हैं. उसके चेहरे भव वक्ष पर लाल-लाल दाने निकल आते हैं. हिमोरेजिक डेंगू होने पर शरीर के अंदरूनी अंगों से रक्त्त स्राव हो सकता हैं. जिससे कई बार मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता हैं. बेचैनी, लगातार चिल्लाना, ज्यादा प्यास या मुँह का बार-बार सुखना, सिर दर्द, शरीर टूटना, कमर दर्द, कंपकपी, अत्यंत कमजोरी व् चक्कर आना, शरीर का तापमान 102 डिग्री से अधिक हो जाना, हडिडयों के टूटने की सी अनुभूति होना जिसे हाड़तोड़ू बुखार भी कहते हैं. यह सभी डेंगू के लक्षण है.

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चिकित्सा dengue fever treatment
1. जैसे यह लक्षण प्रतीत हो तो तुरन्त टेस्ट करा कर पता करे की यह डेंगू का बुखार हैं और तुरन्त डॉक्टर से चिकित्सा कराये.

2. तेज बुखार होने पर रोगी के तुरन्त ठण्डे पानी की पट्टी रखनी शुरू कर देनी चाहिए. ठण्डे पानी की पट्टी को 101° सेंटीग्रेड बुखार होने के बाद तुरन्त रखनी चाहिए. बुखार कोई सा भी हो.

3. हिमोरेजिक डेंगू होने पर रोगी में रक्त्त प्लेटिनेट्स की सख्या घटने लगती है जोकि चिंता जनक स्थिति हो जाती हहै. उसको बढ़ाने के लिए रोगी के ब्लड ग्रुप वाले किसी स्वस्थ व्यक्त्ति के ब्लड से प्लेटिनेट्स निकल कर चढ़ाए जाते हैं. प्लेटिनेट्र्स बढ़ाने का एक उपाय पपीते के पत्ते का काढ़ा है यह अत्यंत कारगार उपाय है. कितने मरीजो पर आजमाया या चूका है. हॉस्पिटल में रहने के बाद भी आप यह दवा उसे दे सकते हैं.

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