तेज बोलने से हो सकते हैं वोकल नोडयूल


हमारे गले में स्थित स्वरयंत्र लिरिक्स में दो तारनुमा वोकलकार्ड होते हैं जिनके आपस में मिलने से आवाज पैदा होती है. ये नाजुक संरचना है लगातार व् तेज बोलने से इसमें सूजन आ सकती है जिससे आवाज की मधुरता खराब हो जाती है.
वोकल नोडयूल
ये वोकल कार्ड पर बनने वाले छोटे-छोटे दाने जैसे होते हैं जो इसके अग्र व् मध्य भाग के जुड़ाव बिंदु पर प्रायः दोनों तरफ बनते हैं. यह खासकर ऐसे पेशे में होती है जहाँ लगातार व् तेज बोलने का कार्य होता है जैसे टीचर्स,गायक, सेल्समेन आदि में. इसलिए इन्हें टीचर्स नोडयूल भी कहते हैं. इसमें आवाज में भारीपन के साथ-साथ बोलने में दर्द, आवाज का थकना या बीच-बीच में फटना, गले में चुभन व् असहज लगना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं. ये भी पढ़े -शिलाजीत की पहचान और फायदे
दो हफ़्तों से ज्यादा आवाज में भारीपन रहने पर विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी है क्योंकि कैसर जैसी अवस्था के प्रारंभिक लक्षणों में भी यह हो सकता है.

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