बुखार आने पर बरतें यह सावधानियां..Fever in Hindi


मोसम में नमी और ठंडक बढ़ने के साथ संक्रमण की आशंका बढ़ जाती हे और बच्चों में बुखार की भी. आज की इस पोस्ट में, में आपको बुखार के दोरान रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताऊंगा और साथ में अलग-अलग बुखार के लक्षण भी. 

1. बुखार होने पर मन से कोई दवाई ना लें. साधारण दवाई भी डॉक्टर के परामर्श से लें.

2. समय-समय पर तापमान जांचे और डॉक्टर को सारी रीडिंग बताएं.

3. बच्चे को ठंड ना लग रही हो तो उसे ना ओढ़ाए. इसके बजाय बच्चे को हवा में रखें और उसका शरीर पोंछते रहे.

4. बच्चे की गतिविधियाँ सामान्य हे, वह खेल-खा रहा हे तो घबराने की जरूरत नहीं हे.

5. बच्चे को टिका लगा हे तो भी एकाध दिन बुखार रहना सामान्य हे, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं हे.

6. बुखार लगातार बना हुआ हो, दवा देने पर उतर जाएँ और कुछ समय बाद चढ़ जाए, तो डॉक्टर से परामर्श लें.

7. तीन महीने से कम के बच्चे को बुखार हो तो, डॉक्टर को दिखाएँ.

बुखार के साथ-साथ अन्य लक्षण भी हे तो सतर्क रहने की जरूरत हे

1. वायरल
गले में खराश, खांसी के साथ सांस फूलना.

2. मलेरिया
शरीर में दर्द, कम्पकपी, ठंड लग्न, पसीना आना.

3. डेंगू
सिर दर्द, जीभ पर सफेद पपड़ी, पेट दर्द, शरीर पर चकते.

4. सायनोसाइटिस
आँख नाक के किनारे दर्द, नाक से पानी, गले में खराश, खांसी.

5. टांसलाइटिस
निगलने में परेशानी, सुखी खांसी.

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