स्नायुओं में कुछ उत्तेजना होने से मध्य पर (DIAPHRAGM) में अचानक सिकुड़न होती है. जिससे हिचकी चलने लगती है. अंदर लिए जाने वाले साँस, स्वर-यन्त्र के बंद होने से बीच में अचानक रुक जाता है. आज की इस पोस्ट में, में आ[को हिचकी को दूर करने के उपाय बताऊंगा.

कारण
हिचकी अपच में चलती है परंतु कभी-कभी यह किसी घातक रोग का लक्षण भी हो सकती है.

चिकित्सा
1. अपच से होने वाली हिचकी में एक गिलास पानी में चौथाई चम्मच खाने का सोडा घोलकर पिने से आराम मिलता है.

2. चार छोटी इलायची छिलका सहित कूट कर उसे 500 ग्राम पानी में उबाले आधा रह जाने पर उसे स्वच्छ कपड़े से छान कर रोगी को गुनगुना पिला दे. एक बार देने से हिचकी शीघ्र बन्द हो जायगी.

3. अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े मुँह में रखकर चूसने से लगातार उठने वाली हिचकी भी बंद हो जाती है.

4. मुलहठी का महीन चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी रुक जाती है.

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5. चित्त लेटकर गहरी-गहरी साँस ले और फिर छोड़े. ऐसा 10-15 बार करे अपना ध्यान साँसों पर लगाये हिचकी बन्द हो जायगी.

6. हिचकी आने पर रोगी अपने दोनों कानो में ऊँगली डाले तो हिचकी बन्द हो जायगी. कुछ विशेष तन्त्रो पर दबाव पड़ने से आराम मिलता है.

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