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सबसे अधिक उपयोगी सांकेतिक चिन्ह in hindi viram chinh worksheets


किसी अभिव्यक्ति या शब्द पर बल डालने के लिए कुछ देर तक रुकते हैं। यह रुकना ही विराम कहलाता है। इसे प्रकट करने के लिए विराम चिह्नों का प्रयोग किया जाता है। इन चिह्नों का सम्बंध केवल व्याकरण से नहीं है। वे भाषा रचना के अभिन्न अंग भी हैं। अल्पविराम भाषा में सर्वाधिक प्रयोग किया जाने वाला चिह्न है।

इसकी आकृति विभिन्न रूपों में दृष्टिगोचर होती है। चाहे अर्द्धविराम हो, चाहे एकल उद्धरण चिह्न अथवा ऊर्ध्व विराम चिह्नहो, इन सभी में अल्पविराम की आकृति को परिवर्तित करके लिखा जाता है। यह नि:संदेह कहा जा सकता है कि अल्पविराम का साम्राज्य समस्त भाषा परिवारों तक फैला है। अल्पविराम (,) वाक्य, वाक्यांश अथवा अभिव्यक्ति के बीच में लगाया जाता है। अर्द्धविराम (;) कम समय के रुकने के लिए प्रयोग होता है। कई विद्वान मानते हैं कि पूर्ण विराम (।) से आधा रुकने के लिए अर्द्धविराम और अर्द्धविराम से आधा रुकने के लिए अल्पविराम का चिह्न अंकित किया जाता है। अल्पविराम का प्रयोग हम तीन भागों में समझेंगे।

आज प्रथम भाग में अल्पविराम के तीन उपयोगों को समझें - 

 1. नाम और उपाधि लिखते समय नाम के बाद अल्पविराम लगाया जाता है। गेंदालाल खरे, एम. ए.

 2. दो उपाधियों में पहली उपाधि के बाद भी अल्पविराम लगाते हैं। डॉ विपिन ब्योहार एम. ए., पी एचडी

 3. 'और' के पूर्व अल्पविराम का चिह्न नहीं लगाया जाता- राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न खेल रहे हैं। भरत और शत्रुघ्न के बीच 'और' अंकित है इसलिए विराम चिह्न नहीं लगाते हैं
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