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खाँसी या साँस लेने में तकलीफ होने पर अपने बच्चो में इन लक्षणों पर ध्यान दीजिए..
क्या उसकी साँस तेज चल रही है?
क्या साँस लेते वक़्त उसका सीना अंदर की ओर घस रहा हैं? ये निमोनिया के लक्षण हैं.
निमोनिया में पसलियां तेजी से चलती है. यह बच्चो को अधिक होता है. एक बार होने के बाद बार-बार होता रहता हैं. आईये जानते हे इससे बचने के उपाय.

चिकित्सा

1. निमोनिया में 5 बूँद लहसुन का रस दो चम्मच गर्म पानी में मिलाकर पिलाना गुणकारी है.


2. निमोनिया में तुलसी के 20 हरे पत्ते और 5 काली मिर्च पीस कर गर्म पानी में मिलाकर पिलाने से काफी लाभ होता है.

एक ऐसी जगह जंहा से सिक्कों का पेड़

3. निमोनिया में पाचन तंत्र पूर्ण रूप से कार्य करने में अयोग्य हो जाता है. उबले हुए पानी में शहद डालकर रोगी को पिलाते रहने से आंतों पर प्रभाव नही पड़ता. रोगी दुर्बल नही होता.

4. सीने में घराहट अधिक हो कफ बोलता हो तो 6 काली मिर्च और मुनक्का दोनों को पीसकर दो कप पानी में उबाले. जब आधा पानी रह जाये तो उसे तीन चार बार में करके पिलाये. इसके कप बलगम बाहर निकल जायेगा.

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