Online खरीदारी से पहले ये ध्यान रखें


हम आपको बताते हैं कुछ उपाय, जिन पर अमल करके आप अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सकेंगे. या फ्रॉड होने से बच सकेंगे आजकल लोगो की भाग दौड़ वाली ज़िन्दगी इतनी व्यस्त हो गयी है की उनके पास पैसा तो है लेकिन खर्च करने के लिए समय नहीं है। लोग खरीददारी तो करना चाहते हैं लेकिन इतना वक़्त नहीं है की किसी मॉल या दूकान में जाकर कुछ खरीद सके। ऐसे में लोगो की ज़रूरतों को कोई पूरा करता है तो वह है ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाईट। लोग घर बैठे और ऑफिस में काम करते करते हर वो चीज़ खरीद लेते हैं जिसकी उन्हें जरुरत हो। कपडे हों या जूते, सब्जियां हो या घर का फर्निचर, बस एक क्लिक में सामान आपके घर पहुँच जाता हैं ।
OLX वेबसाइट पे ये गलतियों से बचें -
  1. सामान खरीदने से पहले अच्छी तरह देख लें फोटो एडिट तो नहीं 
  2. सामान खरीदने वाले की पहचान रखें 
  3. हमेश पब्लिक प्लेस पर मिलें (आपकी सेफ्टी रखें)
  4. अपनी पर्सनल  जानकारी हर किसी को ना दे 
लोगो की डिमांड और जरूरतों को देखते हुए कई ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट शुरू हो चुकी है, जिसमे से एक है ‘Shop Nineteen’। इस वेबसाईट पर नए फैशन के कपडे मिलते हैं। ये वेबसाइट कम समय में बहुत लोकप्रिय हो चूका है, लेकिन क्या आपको पता है ये वेबसाईट लोगो को बेवकूफ बनता है?

इस वेबसाइट का भंडाफोड़ किया है India।com ने। जी हाँ Shopnineteen नाम की ये वेबसाईट फ्रॉड है। जिसका पक्का सबूत हमारे पास है। Shopnineteen की वेबसाईट पर जाने पर लिखा हुआ होता है की रजिस्टर करने पर २०० रुपये का मुफ्त कूपन दिया जायेगा, जिसे इनकी वेबसाइट पर खरीददारी करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मेसेज देख कर अब तक लाखों लोगो ने इस वेबसाईट पर रजिस्टर कर शॉपिंग की होगी लेकिन जो कूपन Shopnineteen वाले आपको इमेल करते वो शॉपिंग करते वक़्त गलत बताया जाता ऐसा एक ग्राहक का आरोप हैं। साथ ही यह कहा कि बाद में मेसेज आता है की ये कूपन वैध नहीं है। वही कई बार तो कूपन की डेट की वैधता ३- ४ महीने पुरानी होती है जिसे आप इस्तेमाल कर ही नहीं पायेंगे क्योंकि वो डेट तो आपके रजिस्टर करने के महीनों पहले ही बीत गयी थी।

ऐसे में परेशान होकर अगर आप इनके ग्राहक सेवा अधिकारी को फ़ोन करेंगे तो वो साफ़ साफ़ कहता है की हमें कुछ नहीं पता। अगर आप अपनी नाराजगी जताने की कोशिश करेंगे तो ग्राहक सेवा अधिकारी आपसे ऊंची आवाज़ में बात करने लगता है। Shopnineteen ग्राहक सेवा अधिकारी आपकी बिलकुल मदत नहीं करते, पहले देर तक कॉल होल्ड पर रखेंगे फिर उल्टा आपको डांट-फटकार कर फ़ोन काट देतें हैं।

कई बार ऐसा भी होता है की आप इस वेबसाईट पर कपडे आर्डर करेंगे और पेमेंट भी कर देंगे लेकिन इनकी तरफ से कोई पुष्टिकरण मेसेज नहीं आएगा की आर्डर मिल गया है या नहीं। इनकी वेबसाईट पर लिखा हुआ होता है की आर्डर को २४ घंटों में डिस्पैच कर दिया जाता है लेकिन कई दिन गुज़र जाने पर भी आर्डर का कोई अता पता नहीं होता।
चौकानेवाली बात यह है कि यह वेबसाइट कई दिनों तक अपने कुछ ग्राहकों को ट्रैकिंग आईडी तक नहीं देती हैं। जिससे ग्राहकों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इस कंपनी के लिए यह कहना गलत नहीं होगा कि चोरी और ऊपर से सिनाजोरी। ग्राहकों के साथ बद्सुलकी की यह घटना कई सारे सवाल खड़े कर रही हैं। सवाल यह हैं कि क्या इस खबर के बाद कंपनी का रवैया बदलेगा या ऐसे ही लोगो के साथ धोखाधडी जारी रहेगी।

दिल्ली के ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल शॉपक्रूज ने आईफोन का ऑफर देकर कानपुर के श्यामनगर निवासी गिरीश कुमार मिश्रा को लंबा चूना लगाया।

कंपनी ने उसे सेकेंडहैंड आईफोन भेज दिया। गिरीश ने ठगी का आरोप लगा रुपये वापस मांगे तो उसे टरका दिया गया। इसी दौरान गिरीश के बैंक अकाउंट से एक लाख रुपये और निकल गए।

उसने राजधानी की साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई पर सुनवाई नहीं हो रही। प्लाईवुड कंपनी में नौकरी करने वाले गिरीश ने बताया कि बीते 25 सितंबर को उसने शॉपक्रूज पोर्टल से 9,999 रुपये की खरीदारी की थी।

खरीदारी पर पोर्टल की तरफ से उसे 20,500 रुपये देने पर आईफोन का ऑफर दिया गया। बकौल गिरीश, 27 सितंबर को उसने कंपनी के अकाउंट में यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।करीब एक महीने बाद कंपनी ने आईफोन भेजा जो पुराना था। इसके कॉल लॉग में महीनों पुरानी कॉल डिटेल मिली। मीडिया आईकॉन में कई वीडियो लोड थे।

गिरीश का कहना है कि उसने कंपनी में शिकायत करते हुए अपने रुपये वापस मांगे। कई बार ईमेल किया जिसके जवाब भी आए लेकिन कंपनी रुपये वापस करने के बजाय उसे टालती रही। 

इसी बीच 30 अक्तूबर को उसके अकाउंट से एक लाख रुपये निकल गए। गिरीश का कहना है कि यह रकम शॉपक्रूज के अकाउंट में ट्रांसफर की गई है। 

उनका आरोप है कि शॉपक्रूज ने उनके अकाउंट का पासवर्ड चोरी करके रुपये निकाल लिए हैं। गिरीश शॉपक्रूज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने चकेरी थाना पहुंचे जहां पुलिस ने सीधे मुंह बात नहीं की।

इसके बाद गिरीश ने बीते 14 नवंबर को राजधानी की साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उसे शिकायत संख्या 1392 दिया गया।

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