हम आपको बता रहे हैं जीएसटी से जुड़ी 7 ऐसी चीजें, जिनके बारे में अगर आप जानकारी रखेंगे, तो आपके साथ कोई भी टैक्स नीति के नाम पर धोखाधड़ी नहीं कर सकता

 सब नहीं वसूल सकते जीएसटी : जिन कारोबार का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये से कम है. इन कारोबारियों को जीएसटी के तहत रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होती. अरुणाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, मणिपुर समेत कुछ राज्‍यों में यह सीमा 10 लाख रुपये है. हालांकि ये चाहें तो स्वेच्छा से खुद को रजिस्टर कर सकते हैं, लेकिन इससे उन्हें जीएसटी वसूलने का अधिकार नहीं मिल जाता.


ये नहीं वसूल सकते 12 फीसदी से ज्यादा जीएसटी : रोड़साइड इटरी और नॉन-एसी होटल व रेस्‍टोरेंट में अगर आप खाना खाने जाते हैं, तो ये आप से 12 फीसदी से ज्यादा जीएसटी नहीं वसूल सकते. यह रेट उन नॉन-एसी होटलों के लिए है, जो शराब सर्व नहीं करते हैं. इसलिए अपने बिल को चेक करें और इससे ज्यादा चार्ज वसूले जाने पर आप शिकायत कर सकते हैं.

यहां देना पड़ेगा 18  फीसदी जीएसटी : जब भी आप किसी एसी रेस्टोरेंट व होटल में खाना खाने जाते हैं, तो यहां आपको 18 फीसदी जीएसटी भरना होगा. शराब सर्व करने वाले हों चाहे न हों, दोनों तरह के होटलों को 18 फीसदी से ज्यादा जीएसटी चार्ज नहीं कर सकते.

लेकिन ड्रिंक्स पर न झगड़ें : होटल में जब आप खाने के साथ ड्रिंक्स भी लेते हैं, तो ड्रिंक्स पर आप से जीएसटी के बदले वैट वसूला जाएगा. क्योंकि शराब जीएसटी के तहत नहीं आती है. ऐसे में आप से जीएसटी प्लस वैट वसूला जाएगा.

ये रेस्टोरेंट वसूलेंगे सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी : जिन रेस्टोरेंट का सालाना टर्नओवर 75 लाख रुपये है और इन्होंने अगर जीएसटी कंपोजिशन स्कीम के तहत रजिस्टर किया है, तो ये आप से सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी ही वसूलेंगे.

अवैध वसूली से ऐसे बचें : कोई दुकानदार या कारोबारी आप से जीएसटी के नाम पर अवैध वसूली न करे. इसके लिए आप जीएसटी रेट्स की जानकारी रखकर खुद को बचा सकते हैं. सभी उत्पाद पर जीएसटी रेट तय है. कोई भी दुकानदार इन तय जीएसटी रेट्स से ज्यादा रेट नहीं वसूल सकता.

यहां करें पता : अगर आपको जीएसटी रेट्स का पता नहीं है, तो आप  https://cbec-gst.gov.in/gst-goods-services-rates.html पर जा सकते हैं. यहां आपको जीएसटी रेट्स की पूरी जानकारी मिल जाएगी.

ऐप भी करेगा मदद : वेबसाइट के अलावा आप 'जीएसटी रेट फाइंडर' ऐप के जरिये भी जीएसटी चार्जेस का पता कर सकते हैं. यह आप किसी भी एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर डाउनलोड कर सकते हैं और यूज कर सकते हैं.

कोई कारोबार रजिस्टर है या नहीं, ऐसे चलेगा पता : कोई भी कारोबारी अगर आप से जीएसटी वसूल रहा है, तो इसका मतलब वह जीएसटी के तहत रजिस्टर है. अगर ऐसा है, तो उसे हर बिल पर अपना जीएसटीआईएन नंबर देना जरूरी है.  इसके जरिये आप आसानी से पता कर सकते हैं कि कारोबारी रजिस्टर है या नहीं.

जीएसटीआईएन यहां करें चेक : जीएसटीआईएन नंबर सही है या नहीं. इसका पता आप https://services.gst.gov.in/services/searchtp  पर जाकर कर सकते हैं. इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि कहीं कोई फर्जी जीएसटीआईएन नंबर दिखाकर ठगी तो नहीं कर रहा.

यहां करें श‍िकायत अगर आपके साथ या किसी के भी साथ जीएसटी के नाम पर कोई धोखा होता है, तो आप इसकी श‍िकायत कर सकते हैं. आप इसकी श‍िकायत helpdesk@gst.gov.in पर कर सकते हैं.  यहां से आपको जल्द ही समाधान मिल जाएगा.

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