DATIA MP पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा पर 2008 के विधानसभा चुनाव में गलत चुनावी खर्च देने का आरोप लगाया था। उन्होंने धारा 10ए के तहत इलेक्शन कमीशन (ईसी) में इसकी शिकायत की थी। भारती की मांग थी कि नरोत्तम मिश्रा को डिसक्वालिफाई किया जाए। मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था

- ईसी ने इस मामले को लेकर मिश्रा को जनवरी 2013 में नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया था।
 - ईसी की कार्रवाई से बचने के लिए मिश्रा ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में पिटीशन दायर किया था। हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
- इस केस की आयोग में लगातार सुनवाई चली और मिश्रा की ओर से गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अब जाकर ईसी ने इस पर फैसला दिया है।

फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे मिश्रा
- इस मामले में मिश्रा ने कहा, "मैं चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करूंगा। यह 2008 के चुनाव का मामला है। इसके बाद मैंने 2013 में चुनाव लड़ा था, जिसके बाद विधायक बना। फैसला लेने से पहले मेरा पक्ष नहीं सुना गया।"
- उधर, मिश्रा की शिकायत करने वाले राजेंद्र भारती का कहना है कि वे भी ईसी के आर्डर की कॉपी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

सरकार के स्पोक्सपर्सन हैं मिश्रा
- नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश सरकार में जनसंपर्क और जल संसाधन मंत्री हैं। वे सरकार के स्पोक्सपर्सन भी हैं। दतिया से पहले वे डबरा के विधायक रह चुके थे। जब डबरा सीट रिजर्व हो गई तो वे दतिया से चुनाव लड़ने लगे।
- मिश्रा की ईसी में शिकायत करने वाले भारती 2008 में दतिया से कांग्रेस के कैंडिडेट थे। उन्होंने इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाया।

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