दस्त लगने के कारन, लक्षण और बचाव के उपाय..Dast Karan, Lakshan Or Ghrelu Upaay - Top.HowFN.com

दस्त लगने के कारन, लक्षण और बचाव के उपाय..Dast Karan, Lakshan Or Ghrelu Upaay

अतिसार अर्थात दस्त और संग्रहणी आमाशय के रोग है. पतले दस्त शरीर के सम्पूर्ण जल के दूषित होने के कारण होते है. आईये जानते हे दस्त लगने के कारण, लक्षण और चिकित्सा.

लक्षण
दस्त में पतला मल उतरता है. असाधारण रूप से पतला मल, बिना मरोड़ के बार-बार आना ही दस्त अतिसार रोग है. दस्त स्वयं कोई रोग नही हैं. लेकिन अन्य रोगों ला लक्षण मात्र है दस्त गर्मी व् वर्षा ऋतु में अधिक होते है.

कारण
गरिष्ठ भोजन, भूख से अधिक खाना, विषाक्त भोजन, दस्तावर दवाओं का अधिक सेवन, बर्फ अधिक खाना, कीड़े, रात्रि जागरण व् कब्ज आदि के प्रभाव से दस्त लगते है. पेट या आंत कोई भी विशेष पदार्थ अपने में रहने नही देता तुरन्त दस्त हो जाते है. कच्चे या अधिक पके फल खाना अचानक भय दुखः घबड़ाहट, पाचन तंत्र की गड़बड़ी के कारण भी दस्त हो जाते है.

सावधान गोरा करने वाली क्रीम आपकी सेहत के लिए हे बहुत हानिकारक

विशेष चिकित्सा
अतिसार की चिकित्सा में औषधियों द्वारा केवल दस्त रोक देना ही पर्याप्त नही है. इस रोग में यह ध्यान रखा जाना आवश्यक है कि रोगी के शरीर में पानी की कमी न होने पाये. इसके लिए आवश्यक है कि उबाल कर ठण्डा किया हुआ पानी एक गिलास, उसमे हाथ से एक चुटकी नमक व् एक चम्मच शक्कर और 8-10 बुँदे नींबू के रस की डालकर मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर में जितना रोगी पी सके देना चाहिए. W.H.O. (वर्ल्ड हेल्थ आग्रेनाइजेशन) यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रस्तावित यह O.R.S. घोल है. इस जीवन रक्षक घोल के बने बनाये पैकेट भी बाजार में उपलब्ध है जिसे एक लीटर पानी में एक पैकेट घोलना चाहिए. और नही तो इस प्रकार घर में तैयार जीवन रक्षक घोल दे सकते है.

चिकित्सा
1. इलेक्ट्राल पाउडर जो बाजार में मिलता है. उसको भी दस्त में देने से रोगी को ताकत बनी रहती है.

2. केले से भी दस्त बंधता है. रोगी को थोड़ी-थोड़ी देर से केला खाने को दे. दो केला एक छोटी कटोरी दही के साथ कुछ दिन तक खाने से दस्त पेचिस व् संग्रहणी ठीक हो जाती है.

3. दस्त रोकने के लिए दही के साथ इसबगोल की भूसी का प्रयोग करे.

4. अदरक का रस निकाल कर नाभि के चारो और लगाने से सभी प्रकार के दस्तों में आराम मिलता है.

5. आम की गुठली की गिरी को घिस कर एक चम्मच में लेकर रोगी को पिलाने से भी बहुत जल्दी आराम मिलता है. छोटे बच्चो को भी दे सकते है.

6. यदि खुनी दस्त हो रहे हो तो आधा कप पानी में 3 ग्राम तुलसी के बीज भिगो दे. थोड़ी देर बाद बीजो को सील कर पीसकर छानकर पिलाए. तत्काल आराम आयेगा.

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