घर में भूल से भी न करे ये 5 काम home plan hindi tips pooja room - Top.HowFN

घर में भूल से भी न करे ये 5 काम home plan hindi tips pooja room

कभी-कभी हम जानकारी के आभाव में ऐसे कार्य कर बैठते है जो अशुभ चीज़ो को घर में आमंत्रित करता है. घरों में छोटे छोटे मंदिर स्थापित होते है. भगवान की पूजा करने से घर में एक सकरात्मक ऊर्जा आती है आज हम आपको कुछ ऐसी चीज़ो के बारे में बताने जा रहे है जो की घर के मंदिर में नहीं की जानी चाहिए.where to keep pooja room at home
  • घर के मंदिर में अक्सर भगवान गणेश की मुर्तिया जरूर होती है, भगवान गणेश प्रथम पूजनीय है तथा उनके बगैर की गई पूजा अधूरी मानी जाती है. पुराणों एवं धर्म ग्रंथो के अनुसार घर के मंदिर में कभी भी गणेश जी की 3 मुर्तिया नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करना अशुभ कहलाता है
  • घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मुर्तिया नहीं रखनी चाहिए vastu tips for pooja ghar
  • यदि आप अपने घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित करना चाहते है तो ध्यान रखे की शिवलिंग का आकार आपके अंगूठे के आकार से अधिक नहीं होना चाहिए. शिवलिंग बहुत ही संवेदनशील होता है अतः इसी कारण घर के मंदिर में छोटा शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है
  • शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्तियों की पूजा करना वर्जित है. यदि घर के मंदिर में रखी कोई मूर्ति खंडित हो जाती तो उसे किसी नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए. खंडित मूर्ति की पूजा करना अशुभ होता है
  • पूजन करते वक्त यह भी ध्यान रखे की पूजा के लिए जलाया दीपक पूजा के दौरान भूल से भी बुझना नहीं चाहिए अन्यथा पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता
  • घर में जिस स्थान पर मंदिर है वहां चमड़े से बनी चीज़े जैसे जुत्ता, चप्पल आदि लेकर नहीं जाना चाहिए. इसके साथ घर के मंदिर में पित्तरों की तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए. पित्तरों का उत्तम स्थान दक्षिण की दिशा बतलाया गया है अतः दक्षिण की दिशा में पित्तरों की मुर्तिया लगानी चाहिए
  • आप अपने घर के मंदिर में पूजा करने के लिए शंख तो जरूर रखते होंगे, और यह सही भी है. क्योकि शंख की ध्वनि घर में फैली नकरात्मकता को दूर करके सकरात्मक ऊर्जा का संचार करती है. परन्तु घर के मंदिर में सिर्फ एक ही शंख रखे क्योकि दो या उससे अधिक शंख रखना भी घर में दरिद्रता को निमंत्रण देता है
  • पूजन के समय कभी भी खंडित दीपक से पूजा नहीं करनी चाहिए. खंडित समाग्री का उपयोग करना शास्त्रों में अशुभ बतलाया गया है. 
  • घी के दीपक के लिए सफेद बत्ती का उपयोग करना चाहिए जबकि तेल के दीपक के लिए लाल बत्ती का प्रयोग उत्तम माना गया है
मंदिर में अर्पित की जाने वाली हार, फूल, पत्तियां कभी बगैर धोए नहीं चढ़ाए. भगवान को अर्पित करने से पहले उन्हें साफ़ पानी में धो लेना चाहिए. भगवान के मंदिर के आस पास साफ़ साफाई का ध्यान रखे. मंदिर के उपार का स्थान खाली अथवा गुम्बद नुमा होना चाहिए

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