12th के बाद क्या करे समझे COURSE JOBS arts Commerce Science - Top.HowFN

12th के बाद क्या करे समझे COURSE JOBS arts Commerce Science


COURSE JOBS arts Commerce Science  कुछ फैसले पूरी लाइफ बदल देते हे जी हां, काउंसेलर की मानें तो कैरियर की दिशा चुनते वक्त आपको दो बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए रुचि और प्रतिभा 12th क्लास का रिजल्ट आते ही अचानक से इंटरनेट पर कुछ इस तरह की सर्च होना चालू हो जाती हे -
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ऐसे सभी सवालो का जवाब आपको यहाँ मिलेंगे पहले कुछ बेसिक्स एडवाइस किसी भी कोर्स को सेलेक्ट करने से पहले ये बाते समझे पहले -

 1- अपनी छमता के हिसाब से जिस फील्ड में आप सबसे अच्छा कर सकते हो उस का आकलन करे फिर उसके अनुरूप ही किसी कोर्स का चयन कीजिए अधिक सहायता के लिए किसी एक्सपर्ट की भी मदद ले सकते हैं।


 2- लुभावने विज्ञापनों से प्रभावित न हों और दूसरों की देखा देखी courses बिल्कुल भी चूज न चुनें
 3- किसी संस्थान की मान्यता फैकल्टी, प्लेसमेंट सभी इम्पोर्टेन्ट जानकारी जरूर ले इससे आप ठगी से बच जाएंगे क्योकि आज कल के लुभाबने ऑफर्स में आप कंफ्यूज हो जाते हैं कि क्या करें और क्या नहीं

 4- कुछ कोर्सेस समय की डिमांड के हिसाब से अचानक से मार्किट में आ जाते हे पर फिर फ़ैल पिछले कुछ सालों से बढ़ती डिमांड को देखते हुए आप बिजनेस और फाइनैंस से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं, लेकिन आपकी इसमें कोई रुचि ही नहीं है ऐसे में भविष्य में आपकी सफलता संदिग्ध हो जाएगी....

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12Th के बाद रोहित को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करे कौन सा सब्जेक्ट चुने जिससे उसकी जिंदगी बन जाए परिवार के लोग चाहते हैं कि वह साइंस लेकर आगे की पढ़ाई करे। उसके कई दोस्त कॉमर्स और मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं। उसके फ्रेंड्स भी ऐसे ही किसी कोर्स में उसे एडमिशन लेने की सलाह दे रहे हैं लेकिन उसका मन तो आर्ट साइड लेने का कर रहा है अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह करे तो क्या करे?....

दरअसल, यह उलझन सिर्फ रोहित की नहीं है। 

12वीं के बाद कई स्टूडेंट्स इस दुविधा के शिकार हो जाते हैं कभी 1 जमाना था जब स्टूडेंट्स के सामने ज्यादा विकल्प नहीं थे लेकिन आज करियर का चुनाव इतना आसान नहीं रह गया है आज विकल्पों की भरमार है। आज तो 12वीं के पहले से ही स्टूडेंट्स के दिमाग में सवाल उठने लगते हैं कि ग्रैजुएशन करें या फिर कोई प्रफेशनल या वोकेशनल कोर्स या कोई नौकरी कर लू इतने में ही अगर ग्रैजुएशन करना है, तो इसके लिए कौन-सी स्ट्रीम चुनें ऐसे में उलझन में पड़ जाना स्वाभाविक है-
इस बारे में डीयू के असोसिएट प्रफेसर राकेश सिन्हा का कहना है कि इस मुकाम पर खड़े यूथ को सबसे पहले यह देखना चाहिए उसके योग्यता के हिसाब से मार्केट की क्या डिमांड है। वह किन क्षेत्रों में खुद को बेहतर साबित कर सकता है। इसका आकलन बहुत जरूरी है। प्रफेसर राकेश के मुताबिक यूथ को महज तात्कालिक लाभ के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उसे लॉन्ग टर्म फायदे के हिसाब से किसी कोर्स का चयन करना चाहिए।

डेप्युटी डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉक्टर दिनेश वार्ष्णेय का कहना है कि ढेर सारे विकल्पों के बीच स्टूडेंट्स कन्फ्यूजन के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी रास्ते को चुनने से पहले मौजूदा सभी विकल्पों के बारे में अच्छी तरह से जान लेना चाहिए। उनका कहना है कि स्टूडेंट्स को वही कोर्स चुनना चाहिए, जो न केवल उनकी रुचि से मेल खाता हो, बल्कि उसकी ग्लोबल इम्पॉर्टेंस भी हो।

हम 12वीं के बाद तमाम प्रमुख करियर विकल्पों के बारे में बता रहे हैं। लेकिन किसी भी राह को चुनने से पहले अपनी क्षमता, चॉइस और भविष्य में रोजगार मिलने की संभावना पर जरूर विचार कर लेना चाहिए।

प्रफेशनल कोर्स 

12वीं के बाद आप किसी प्रफेशनल कोर्स में भी एडमिशन ले सकते हैं। आप आईटी और मैनेजमेंट से जुड़े कोई कोर्स कर सकते हैं। बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीबीए), बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशंस (बीसीए), डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोपा इन होटल मैनेजमेंट ऐंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर इन इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी (बीआईटी), रिटेल मैनेजमेंट, बीएससी (कम्प्यूटर स्टडीज), डिप्लोमा इन ऐडवर्टाइजिंग, प्रमोशन ऐंड सेल्स मैनेजमेंट, ट्रैवल ऐंड टूरिज्म, फैशन डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन जैसे कोर्स करने के बाद आपको रोजगार की कमी नजर नहीं आएगी। अगर आपमें जुनून है और देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो आपके लिए नैशनल डिफेंस सर्विस (एनडीए) एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

Science का सफर 

12वीं के बाद किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीएससी (पास) या बीएससी (ऑनर्स) कर सकते हैं आज कल बायोटेक्नॉलजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स विषयों में भी ग्रैजुएशन करने का विकल्प है आप 12वीं के बाद इंजिनियरिंग या मेडिकल कोर्स भी कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए एंट्रेंस एग्जाम को पास करना जरूरी है।

बायोलॉजी के साथ 10+2 लेने वाले छात्रों का पहला कैरियर विकल्प मेडिकल होता है एक बात समझना आवश्यक है. कई छात्र मेडिकल में कैरियर बनाने की चाह में चीन, रूस इत्यादि से मेडिकल डिग्री लेकर आ जाते हैं. पर ध्यान रहे, भारत में केवल वही मेडिकल डिग्री मान्य है जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्य है.

यदि आप देश से बाहर से कोई मेडिकल की डिग्री लेकर आते हैं तो आपको पुनः मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट पास करना होगा नहीं तो आपकी डिग्री अवैध हो जायेगी. कहने की आवश्यकता नहीं कि भारतीय मेडिकल संस्थानों में दाखिले के लिए सीबीएससी द्वारा प्रत्येक वर्ष ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट का आयोजन किया जाता है, जिसके आधार पर सरकारी-पोषित व निजी मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लिया जा सकता है.

कंप्यूटर साइंस की डिमांड 

कंप्यूटर साइंस कोर्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। कई कॉलेजों में बीएससी (ऑनर्स) कंप्यूटर साइंस कोर्स है। यह कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शन की कोई कमी नहीं है

कॉमर्स में विकल्प 

यहां 12वीं के बाद आप बीकॉम पास और बीकॉम (ऑनर्स) कर सकते हैं कॉमर्स स्ट्रीम चुनने वालों के लिए भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशल ऐनालिस्ट जैसे तमाम करियर के दरवाजे खुल जाते हैं।

कॉस्ट एंड वर्क  अकाउंटेंट

फाइनांस के क्षेत्र में एक नया क्षेत्र उभर कर आया है, जिसे कॉस्ट एंड वर्क अकाउंटेंसी के नाम से जाना जाता है. चार्टर्ड अकाउंटेंसी या कंपनी सेक्रेटरीशिप की तरह तीन स्तरों- फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षा को उत्तीर्ण कर कॉस्ट अकाउंटेंट की योग्यता प्राप्त कर सकता है. कॉस्टअकाउंटेंट किसी कंपनी का वह पदाधिकारी होता है, जिसे अपनी तकनीकी दक्षता से कंपनी की पूंजी व लागत का उचित इस्तेमाल करना होता है. विस्तृत जानकारी के लिए आपइंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंसी ऑफ इंडिया की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आइसीएमएआइ डॉट इन पर संपर्क करें.

आर्ट्स भी लाजवाब

डॉक्टर दिनेश का कहना है कि आर्ट्स कोर्सेज को करने के बाद स्टूडेंट्स सिविल सर्विसेज़ के एग्जाम देते हैं और सिलेक्ट भी होते हैं। इसलिए इस सब्जेक्ट को कम नहीं आंकना चाहिए। पहले माना जाता था कि आर्ट्स सब्जेक्ट से ग्रैजुएशन करने के बाद करियर के ऑप्शन बहुत कम रह जाते हैं। लेकिन अब यह सोच काफी बदल चुकी है।

आर्ट्स में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढ़ाई करके आप सरकारी और निजी क्षेत्रों में अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप इकनॉमिक्स, साइकॉलजी, हिस्ट्री, फिलॉसफी आदि में ग्रेजुएट कर सकते हैं। आर्ट्स से ग्रैजुएशन के बाद आप सिविल सर्विसेज में जा सकते हैं। इसके अलावा एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट ऐनालिसिस, टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स, एमएसडब्यू आदि में भी आपके सामने कई विकल्प मौजूद हैं।

बैंकिंग

यदि हम यह कहें कि आनेवाले कुछ वर्ष बैंकिंग के क्षेत्र में नयी नौकरियों की चाह रखने वाले छात्रों के नाम होंगे, तो कुछ गलत न होगा. आगामी कुछ वर्षो में लगभग 1 लाख से अधिक छात्रों के लिए बैंकिंग सेक्टर के दरवाजे खुले रहेंगे. यदि आप 10+2 के बाद इस क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं, तो क्लर्क लेवल के लिए आवेदन करें.

हालांकि कई बैंकों में अब क्लर्क के लिए भी स्नातक आवश्यक योग्यता के रूप में मांगी जाती है. परंतु कुछ विकल्प अभी भी 10+2 के बाद इस पद के लिए उपलब्ध हैं. यदि आप प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में इस क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं, तो वाणिज्य से स्नातक करें और प्रवेश जांच परीक्षा में बैठने की रणनीति बनायें. बैंकों की रिक्तियों की अधिसूचना निरंतर अखबारों व रोजगार समाचार में निकलती रहती हैं.

पत्रकारिता

एक समय था जब इस विषय को हिंदी या अंगरेजी विभाग के साथ जोड़कर पढ़ाया जाता था. लेकिन हाल के वर्षो में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की चकाचौंध ने युवाओं के एक बड़े वर्ग का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. 10+2 वाणिज्य के बाद 3 वर्षीय बैचलर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन या बीए (जेएमसी) जैसा पाठ्यक्रम आपको मीडिया के क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर दे सकता है. परंतु इस क्षेत्र में संघर्ष है, आपके स्थापित होने की समय सीमा भी निश्चित नहीं है.
इस जोखिम को ध्यान में रखकर ही आप इस क्षेत्र में जाने की योजना बनायें. इस क्षेत्र में सफलता के लिए आपकी भाषा पर मजबूत पकड़ बेहद जरूरी है, चाहे बात प्रिंट मीडिया की हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की. वाणिज्य से पढाई करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कैरियर बनाने का सपना देखने वाले छात्र बिजनेस स्टैंडर्ड, इंडियन इकनोमी, सीएनबीसी आवाज जैसे चैनलों में रोजगार खोज सकते हैं. इन चैनलों में वाणिज्य के जानकार को आर्थिक या बिजनेस पेज या प्रोग्राम का उत्तरदायी बनाया जाता है.

इंडियन आर्मी

देश के युवाओं का एक तबका ऐसा भी है, जो अपने रोजगार के साथ-साथ देश की सेवा भी करना चाहता है. यदि आप भी उन युवाओं में शामिल हैं, तो आर्ट्स के छात्र के रूप में आपके लिए यहां भी इंडियन आर्मी के दरवाजे खुले हुए हैं. 10+2 के बाद आप अपने आर्ट्स के मनपसंद विषय से ही स्नातक करें, और जब आप स्नातक के अंतिम वर्ष में हों, तो संयुक्त लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सीडीएस यानी कंबाइंड डिफें स सर्विस में प्रवेश की योजना बनायें.

साल में दो बार होने वाली इस प्रवेश जांच परीक्षा में सालाना लगभग 500 छात्रों का चयन किया जाता है. प्रतिष्ठा और रोजगार के साथ देश की सेवा करने का अवसर पाने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए यह बेहद रोमांचक विकल्प है. और जानकारी के लिए यहाँ देखें .

लॉ

वाणिज्य से बारहवीं के बाद छात्रों का एक बड़ा तबका लॉ के क्षेत्र में जाता है. 10+2 के बाद 5 वर्षीयलॉइंटिग्रेटेड पाठ्यक्रम पूरा करकानून के क्षेत्र में कैरियर को एक नयी दिशा दी जा सकती है. पहले इस इंटिग्रेटेड पाठ्यक्रम में केवल बीएएलएलबी पाठ्यक्रम ही होता था.परंतु समय की मांग को देखते हुए बीएएलएलबी के अतिरिक्त व्यापार प्रबंधन की चाह रखने वाले छात्रों के लिएबीबीएएलएलबी, विज्ञान के छात्रों के लिए बीएससीएलएलबी या कॉमर्स के छात्रों के लिए बीकॉमएलएलबी पाठ्यक्रमों की भी घोषणा कर दी गयी है.

इस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आपको एक विशेष प्रवेश जांच परीक्षा देनी होगी, जिसे कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट यानी क्लैट कहा जाता है. इस प्रवेश जांच परीक्षा के माध्यम से आपको देश के प्रतिष्ठित लॉ विश्वविद्यालय में दाखिले का अवसर प्राप्त होगा. विशेष जानकारी के लिए आप वेबसाइट पर विजिट करेंjob result 12th arts kya karna chahiye mediam side career options after fields in science 12 commerce kya kare 12 ke baad kya kare bad job ba ke baad kya karna chahiye
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