रक्तचाप BP क्या है इलाज उच्च निम्न नियंत्रित blood pressure in hindi - Top.HowFN

रक्तचाप BP क्या है इलाज उच्च निम्न नियंत्रित blood pressure in hindi


blood pressure readings definition रक्तचाप Blood pressure - बहते खून द्वारा Vessels वाहिनियों की सतह पर लगाये गये बाल (FORCE) को Blood pressure BP कहते हैं।

Vessels खून का एक स्थान से दूसरे स्थान तक जिनके माध्यम से जाता है Blood vessels (रक्त वाहीकाये ) कहते है इन वेसल्स में धमनी arteries वह नलिका होती हैं जो BLOOD को हृदय से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ले जाती हैं। हृदय रक्त को धमनियों में पंप करता है।
     रक्तचाप के प्रकार (TYPES OF BLOOD PRESSURE)-                  


रक्तचाप संबंधी दो प्रकार की समस्याएँ देखने में आती हैं- एक निम्न रक्तचाप और दूसरी उच्च रक्तचाप।जब धमनियों और नसों में रक्त का प्रवाह कम होने के लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं।

तब रक्त का प्रवाह काफी कम होता है इसे निम्न रक्तचाप कहते हैं एवं उच्‍च रक्‍तचाप एक ऐसी बीमारी है जो आज कल युवाओं को भी होने लग गई है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है

उच्च रक्तचाप भी दिल और गुर्दे की बीमारी पैदा कर सकता है

किसी भी व्यक्ति का रक्तचाप सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप के रूप में जाना जाता है। सिस्टोलिक अर्थात ऊपर की संख्या धमनियों में दाब को दर्शाती है।

 हृदय की मांसपेशियाँ संकुचित होकर धमनियों में रक्त को पंप करती है। एक स्वस्थ व्यक्ति का सिस्टोलिक रक्तचाप 90 और 120 मिलीमीटर के बीच होता है।

Blood pressure chart
Causes high blood pressure?
  1. ज्यादा नमक खाने से
  2. यदि पर्याप्त फल और सब्जियां ना खाने से
  3. पर्याप्त सक्रिय नहीं रहने से
  4. यदि मोटे हैं भी
  5. आप बहुत ज्यादा शराब पीते हैं।
यदि हाई ब्‍लड प्रेशर हो तो :
(1) आप 2 टेबलस्‍पून शहद में एक टेबलस्‍पून नींबू का रस मिलाकर सुबह शाम पिएं, ऐसा करने से ब्‍लड प्रेशर कम हो जाता है।

(2) 5 ग्राम त्रिफला का चूर्णं रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ रोजाना खाएं। आराम मिलेगा।

(3) आंवले का रस नियमित रूप से पीने से हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा न के बराबर रहता है।

(4) सौंफ, मिश्री और जीरा को बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाएं। फिर इस चूर्णं को सुबह शाम खाने से ब्‍लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है।

(5) हाई ब्‍लड प्रेशर के रोगी 2-3 दिन सिर्फ नारंगी का रस पीएं और दूसरा कोई भी अन्‍न या जूस अथवा पेय पदार्थ न पीएं, तो ब्‍लड प्रेशर नियंत्रण में आ जाता है।

(6) आप सुबह शाम खाली पेट थोड़ा सा पपीता खाने से भी ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल में रख सकते हैं।

ब्‍लड प्रेशर लो हो जाने पर :
(1) आप दस पन्‍द्रह तुलसी के पत्‍ते को अच्‍छी तरह मसल कर 4 चम्‍मच शहद मिलाकर खाएं। इससे ब्‍लड प्रेशर नियत्रंण में रहेगा।

(2) आप तीस से पैंतीस किशमिश को सिरेमिक बर्तन में रात भर भिगोकर रख दें और सुबह उठ कर खाली पेट खाएं। इससे लो ब्‍लड प्रेशर की शिकायत दूर हो जाएगी।

(3) आप 6-7 बादाम रात भर पानी में भिगोकर रख दें। फिर सुबह उन्‍हें छीलकर पीस लें। फिर एक गिलास दूध में मिलाकर उबालें और गुनगुना करके पीएं। आपको बहुत आराम मिलेगा।

धड़कन तेज हो जाने पर इन्‍हें अजमाएं :
(1) आप धड़कन तेज होने पर आलूबुखारा खाएं या मीठा अनार खाएं, ऐसा करने से धड़कन नियंत्रण में आ जाएगी।

(2) आप 10 मिली. अनार के ताजे पत्‍तों को 100 मिली. पानी में पीस लें। फिर इसे छानकर पीने से दिल मजबूत होता है और दिल की धड़कन नार्मल हो जाती है।

(3) आप 200 मिली. ताजे गाजर के रस में 100 मिली. पालक का रस मिलाकर रोज सुबह पीने से दिल की सारी तकलीफ दूर हो जाती हैं।

(4) दिल के मरीज रोज एक ग्‍लास मक्‍खन रहित छाछ पिएं तो ब्‍लडबेसल्‍स पर जमा हुआ फैट कम हो जाता है। इससे तेज धड़कन और घबराहट की समस्‍या का निदान हो जाता है।
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