यौन रोग जानकारी होना जरुरी है STD venereal disease hindi - Top.HowFN

यौन रोग जानकारी होना जरुरी है STD venereal disease hindi


STD full form " Sexually transmitted disease" meaning in hindi - यौन सम्बन्धों से फैलने वाले किसी भी रोग - समूह के लिए एस टी डी अर्थात यौन सम्बन्धों द्वारा संचरित रोग शब्दों का उपयोग किया जाता है

एस टी डी रोग सुजाक रोग उपचार गुप्तरोग समाधान क्लैमाइडिया संक्रमण ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण के लक्षण उपदंश एसटीडी की रोकथाम में सरकार की भूमिका पर चर्चा

यौन सम्बन्धों द्वारा संचरित कैसे फैलते हैं?

योनि सम्भोग, मौखिक सम्भोग और गुदापरक सम्भोग जैसे अन्तरंग यौन सम्पर्क से एस टी डी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचते हैं।

एस टी डी के लक्षण क्या होते हैं?

एस टी डी के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं
  • (1) औरतों में योनि के आसपास खजली और /अथवा योनि से स्राव
  • (2) पुरूषों मे लिंग से स्राव
  • (3) सम्भोग के समय अथवा मूत्र त्याग के समय पीड़ा
  • (4) जननेन्द्रिय के आसपास पीड़ाविहीन लाल जख्म
  • (5) मुलायम त्वचा के रंग वाले मस्से जननेन्द्रिय के आसपास हो जाते हैं।
  • (6) गुदा परक सम्भोग वालों को गुदा के अन्दर और आसपास पीड़ा
  • (7) असामान्य छूत के रोग, न समझ आने वाली थकावट, रात को पसीना और वजन का घटना।
क्या यह सम्भव है कि किसी व्यक्ति को एस टी डी हो और उसे पता न हो?

पुरूषों मे तो एस टी डी के लक्षण सामान्यतः दिख जाते हैं तो वे जागरूक हो जाते हैं कि उनके यौन परक अंग संक्रमित हो गए हैं। जबकि औरतों के संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं देते जबकि रोग लग चुका होता है।

क्या एस टी डी से अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्य़ाएं हो सकती हैं?

हां, प्रत्येक एस टी डी से अलग प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं होती हैं - कुल मिलाकर उनसे ग्रीवा परक कैंसर और अन्य कैंसर हो सकते हैं जिगर के रोग, अन- उर्वरकता, गर्भ सम्बन्धी स्म्याएं और अन्य कष्ट हो सकते हैं। कुछ प्रकार के एस टी डी एच आई वी/एड्स की सम्भावनाओं को बढ़ा देते हैं।

एस टी डी की आशंका होने पर क्या करना चाहिए?

यदि आपको आशंका हो कि आप को एस टी डी है तो मदद लेने से घबराओ या शरमाओं मत। डाक्टर के पास जाओ और एस टी डी की जांच के लिए हो या अगर आप पुरूष हैं तो त्वचा विशेषज्ञ के पास जाओ स्त्री हैं तो स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाओ।
लक्षणों की उपेक्षा मत करो और न ही यह इन्तजार करो कि आप चले जाएंगे।एस टी डी रोग बहुत आम है और बहुत छूत फैलाने वाले होते हैं, अगर जल्दी पककड़ में आ जाए तो आसानी से ठीक भी हो सकते हैं।

एसटीडी की रोकथाम के क्या तरीके हैं? 

एस टी डी से अपने आप को बचाया जा सकता है-

(1) स्वयं एक विवाह सम्बन्ध निभाना और यह सुनिश्चित करना कि साथी भी उसे निभाये

(2) पुरूषों द्वारा लेटैक्स कंडोम के प्रयोग से छूत का भय कम हो जाता है अगर सही प्रयोग किया जाए। ध्यान रखें, हमेशा सम्भोग के समय उसका उपयोग करें। महिलाओं के कंडोम उतने प्रभावशाली नहीं हैं जितने पुरूषों के यदि पुरूष न उपयोग करे तो स्त्री को अवश्य करना चाहिए।
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