आज भारत क्यों बंद है bharat bandh kyo hai karan kal or aaj

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why bharat bandh tomorrow 8 january 2019 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के लगभग 20 करोड़ श्रमिक मंगलवार से सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल शुरू करेंगे। इस बीच, भारत बंद के आह्वान का भाजपा नेताओ ने विरोध किया। जिसमें आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी, टीयूसीसी, एलपीएफ और एईवीए शामिल हैं।

 आज भारत क्यों बंद है Aaj bharat bandh kyo hai

केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की कथित दमनकारी नीतियों को लेकर दो दिवसीय भारत बंद बुलाया है। यह बंद आठ और नौ जनवरी (मंगलवार और बुधवार) को है। खास बात है कि पूरे देश के किसानों ने भी इसका समर्थन करने की बात कही है। वे देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली हड़ताल में वामपंथी दलों की किसान इकाई के तत्वावधान में इसका समर्थन करेंगे। वहीं, अदालत ने कहा है कि बिना एक सप्ताह की नोटिस के बगैर कोई हड़ताल नहीं बुलाई जाएगी।

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) के महासचिव तपन सेन के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया, “सार्वजनिक, असंगठित, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारी, बंदरगाहों के मजदूर देश व्यापी हड़ताल पर रहेंगे। वे इस बंद के दौरान केंद्रीय ट्रेड यूनियंस और अन्य संगठनों के नेतृत्व में देश के आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर अपना विरोध जताएंगे।”

सबरीमला मुद्दे को लेकर राज्य में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि राज्य में सात दिन पहले बिना नोटिस दिए हुए हड़ताल नहीं बुलाई जा सकती है। केरल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और त्रिशूर के एक गैर सरकारी संगठन ‘मलयाला वेदी अगेस्ंट हड़ताल्स’ की ओर से अदालत में हड़ताल के विरोध में एक याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति ए. के. जयशंकरण नांबियार की एक खंडपीठ ने अचानक से हड़ताल बुलाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर पहले से नोटिस नहीं दी जाती है तो लोग अदालत और सरकार से इस स्थिति से निपटने के लिए प्रयाप्त कदम उठाने के लिए संपर्क कर सकते हैं।

अदालत ने कहा कि जो संगठन या व्यक्ति हड़ताल का आह्वान करेगा, वह बंद के दौरान हुए नुकसान और क्षति के लिए भी जिम्मेदार होगा।

वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के महासचिव हन्नन मुल्लाह ने बताया, “एआईकेएस और भूमि अधिकार आंदोलन ने आठ और नौ जनवरी को क्रमशः ‘ग्रामीण हड़ताल’ और ‘रेल रोके, रोड रोको’ का आह्वान किया है, जबकि ट्रेड यूनियंस ने उस दौरान राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है। यह कदम मोदी सरकार की विफलता को लेकर उठाया जा रहा है, क्योंकि वह किसानों की समस्याएं हल करने के मोर्चे पर नाकाम रहे हैं। यही कारण है कि किसान भी इस बंद का समर्थन करेंगे। (BMS) कल हड़ताल में भाग नहीं लेंगे।

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