जैसे ही आज सुबह मॉर्निंग में उठकर पेपर देखा तो उसमें कुछ इस तरह की खबर थी और आप लोगों ने भी इस खबर को शायद देख लिया होगा टीवी पर या फिर तो नेट पर या फिर खुद न्यूज़ पेपर में उसकी स्क्रीनशॉट कुछ इस तरह की थी
अब इसकी क्या सच्चाई है वह भी आप जान लीजिए

दोस्तों इस की सच्चाई कोशिश तरीके से यह जो खबर प्रकाशित की गई है यह दैनिक भास्कर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के फ्रंट पेज पर 13 अक्टूबर की खबर है और यह खबर 12 अक्टूबर से इंटरनेट पर आ चुकी थी पर इसकी पूर्ण सच्चाई शायद इस न्यूज़पेपर को पता ही नहीं थी इसकी पूर्ण सच्चाई इस तरीके से

ICANN kya hai

इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था ICANN ने घोषणा की थी कि वह इंटरनेट की वेबसाइट का जो नेम होता है उसको डोमेन नेम कहा जाता है उस डोमेन नेम को और अधिक प्रोटेक्ट करने के लिए यानी साइबर अटैक जो होते हैं बैंकिंग सेक्टर में या फिर किसी वेबसाइट के नाम के जैसा कोई और नाम क्लोन ना हो सके यानी किसी और वेबसाइट को कॉपी ना किया जा सके उसकी प्राइवेसी को ध्यान में रखकर इंटरनेट पर कोडिंग मैं वर्क होना था जिसके तहत बहुत सारी साइड है इफेक्टिव हो सकती हैं

Kyo hoga duniya me internet band

पर इसका मतलब यह नहीं है कि सारा ही इंटरनेट ठप हो जाए सारा इंटरनेट अगर ठप होता है तो इसमें बहुत भारी नुकसान पूरे दुनिया को उठाना पड़ सकता है अगर इस संस्था ने ध्यान ना दिया तू ही ऐसा कदम हो सकता है कि पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद हो जाए पर अगर पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद होता है तो अरबों का नुकसान भी सरकारों को भुगतना होगा

क्योंकि पल पल में इंटरनेट के माध्यम से 70 से 80 पर सेंट काम होने लगा है जो पूरे गवर्नमेंट आंकड़े भी अब इंटरनेट पर ही सुरक्षित किए गए हैं अगर 24 घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट बन्द रहा तो भारी नुकसान किसी भी देश को हो सकता है

मेंटेनेंस के कारण पूरी दुनिया के सिर्फ 1 फीसदी यानि करीब 36 मिलियन यानि करीब 3.6 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। वैसे तो यह आंकड़ा सिर्फ 1 फीसदी ही है लेकिन 3.6 करोड़ लोग कम नहीं होते हैं। इसका असर भारत में भी होगा। data encryption कौन-कौन से लोग होंगे प्रभावित इस ग्लोबल मेंटेनेंस के कारण वे लोग प्रभावित होंगे जिनकी इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां इनक्रिप्टोग्राफी की बदलने के लिए तैयार नहीं हैं या फिर देर से बदलेंगी।

  पूरी दुनिया में बंद होगा इंटरनेट

जी नहीं, ऐसा संभव नहीं है कि पूरी दुनिया में एक साथ इंटरनेट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि भारत में तो सबसे ज्यादा रेलवे, टेलीकॉम और बैंकिंग सेवा प्रभावित होगी लेकिन विदशों में हॉस्पिटल तक की सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी। ऐसे में अरबों का नुकसान होगा। क्यों किया जा रहा है इंटरनेट बंद दरअसल यह मेंटेनेंस या दूसरे शब्दों में कहें तो अपडेट इसलिए किया जा रहा है ताकि इंटरनेट को पहले के मुकाबले सुरक्षित बनाया जाए। दावा है कि इनक्रिप्टोग्राफी की अपडेट के बाद डोमेन पहले से अधिक सुरक्षित होंगे। Tech news

विशेषज्ञों में है मतभेद रिपोर्ट में यह भी साफ नहीं है कि कब और कहां इंटरनेट की सेवा बंद होगी और कितनी-कितनी देर के लिए बंद होगी। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ भी पूरी दुनिया में इंटरनेट सेवा बंद सकती है, वहीं कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि ऐसा संभव ही नहीं है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ठप पड़ जाएगी।

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