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Dairy farm project report चाह हो तो राह मिल ही जाती है। ये साबित कर दिखाया है झारखंड के संतोष शर्मा ने। कुछ करने की चाहत रखने वाले शर्मा ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से प्रभावित होकर 85 हजार रुपए की अच्छी खासी नौकरी छोड़ नक्सल प्रभावित गांव में डेयरी फार्म शुरू किया और मजह दो वर्षों में उनकी कंपनी का टर्नओवर 2 करोड़ रुपए के पार हो गया।

  नक्सल प्रभावित गांव में शुरू किया कारोबार झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले शर्मा ने नक्सल प्रभावित दलमा गांव के आदिवासी गांव में जिस डेयरी बिजनेस की शुरुआत की थी, आज वह सिर्फ डेयरी न रहकर ऑर्गेनिक फूड, हेल्दी मिल्क बनाने की फैक्‍ट्री शुरू करने तक पहुंच गया है। अपने इस बिजनेस के बूते वह न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि इसके जरिए वह आदिवासी लोगों को गांव में रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। अपने काम के लिए सुर्खियां बटोर चुके शर्मा ने top.howFN.com से एयर इंडिया से सफल बिजनेसमैन बनने की कहानी साझा की।

जन्म लेने के एक साल बाद पापा हुए रिटायर शर्मा ने बताया कि उनके पिता टाटा मोटर्स में नौकरी करते थे और परिवार चलाने के लिए उनकी आय पर्याप्त नहीं थी। संतोष के पैदा होने के एक साल बाद ही उनके पिता रिटायर हो गए थे। पिता के रिटायरमेंट के बाद मां ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने का जिम्मा लिया और पड़ोसी से मिले एक गाय को उन्होंने पालना शुरू किया। उन्होंने गाय का दूध बेचना शुरू कर दिया। वह भी अपनी माता और भाइयों के साथ लोगों के घरों पर जाकर दूध बेचा करते थे। दूध बेचने का यह कारोबार चल निकला और परिवार की हालत भी सुधरने लगी।धीरे-धीरे गाय की संख्या बढ़कर 25 हो गई।

  एयर इंडिया की नौकरी छोड़ी कॉमर्स से 12वीं करने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम में ग्रैजुएशन किया। इसके साथ उन्होंने कॉस्ट अकाउंटिंग का कोर्स भी किया। शर्मा की पहली नौकरी मारुति में लगी। यहां उन्होंने 6 महीने तक 4800 रुपए के स्टाइपंड पर काम किया। 2000 में इर्नेस्ट एंड यंग में 18000 रुपए महीने की सैलरी पर नौकरी लगी। 2003 में नौकरी छोड़ सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते शर्मा ने 2004 में जमशेदपुर स्थित एक मल्टीनैशनल बैंक में बतौर ब्रांच मैनेजर ज्वाइन कर लिया।

 6 महीने बाद शर्मा ने दूसरा बैंक ज्वाइन किया। इसके बाद 2007 में वह एयर इंडिया से बतौर असिस्टेंट मैनेजर (कोलकाता) जुड़े। यहां पर उनकी मंथली सैलरी 85,000 रुपए थी। फिर एक दिन उनकी मुलाकात कलाम साहब से हुई और उनसे प्रेरित होकर उन्होंने एयर इंडिया से तीन साल की छुट्टी लेकर छोड़ डेयरी फार्म की नींव रखी।

ये प्रोडक्ट्स हैं मार्केट में मौजूदमम्मा डेयरी जमशेदपुर में ऑर्गेनिक दूख सप्लाई करती है। गायों को चारा भी ऑर्गेनिक दिया जाता है। उन्होंने ऑर्गेनिक मिल्क के अलावा पनीर, बटर और घी भी बेचना शुरू किया है। शर्मा अगले कुछ महीने में वो फ्लेवर्ड मिल्क भी मार्केट में उतारने की तैयारी में हैं।

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