भारत में हर जुर्म के लिए अलग-अलग सज़ा का प्रावधान हे. हर सज़ा के लिए कानून में भारतीय दंड संहिता के तहत अलग-अलग धाराएँ बनाई गई हे, जिनके तहत अपराध सिद्ध होने पर दोषियों को सज़ा दी जाती हे. आईये जानते हे धारा 302, 304(A) और 376 के बारे में.

IPC Section Dhara in Hindi

1. IPC धारा 302
यह धारा कत्ल के आरोपियों पर लगाईं जाती हे. इसमें व्यक्ति कत्ल करने का मकसद भी देखा जाता हे. जब पुलिस यह साबित कर देती हे की कत्ल आरोपी ने ही किया हे और इसका मकसद क्या था तब कोर्ट इस IPC धारा के तहत सज़ा सुनाता हे. 

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2. IPC धारा 304(A)
यह धारा उन लोगों पर लगाई जाती हे जिनकी लापरवाही की वजह से किसी की जान चली जाती हे. सड़क दुर्घटना के मामले में अक्सर इस धारा का इस्तेमाल होता हे.

3. IPC धारा 376
यह धारा बलात्कार के आरोपियों के लिए हे. अगर कोई किसी से जबरदस्ती उसकी इच्छा के बिना सम्बध बनाने की कोशिश करता हे तो यह बलात्कार के अपराध में माना जाता हे. चाहे वो उसका पति ही क्यों ना हो. इसमें 7 साल से लेकर उम्र कैद की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान हे. अगर जुर्म कुर्र्ता की सारी हदें पार कर देता हे तो फांसी की सज़ा भी दी जाती हे.

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  1. Kisi bhi byakti ke dwara kuchh khne pr sunne vale byakti ko hartattek kr ke mr gya hai to usme kon ss dhara lgegi

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  2. Kisi bhi byakti ke dwara kuchh khne pr sunne vale byakti ko hartattek kr ke mr gya hai to usme kon ss dhara lgegi

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