पैसा ट्रांसफर करते वक्त जरा सी लापरवाही आपको बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. राजस्थान के जयपुर में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अन्तर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी तरीके से बैंककर्मी बनकर फोन करके एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर लोगों के खाते से पैसा ईवालेट मे ट्रांसफर कर लेते थे. इस गैंग ने अब तक 18 राज्यों में हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया है.
पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है. internet frauds cases

एडिशनल एसपी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सत्यम राय और सागर दास झारखंड के रहने वाले हैं. दोनों पहले फर्जी नाम सिम लेते थे. फिर लोगों के एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर जानने के लिए किसी भी एक नंबर पर फर्जी बैंककर्मी बनकर फोन करते थे. कस्टमर जब अपना नंबर शेयर करता, तो ये साथ ही साथ लॉगइन करते रहते थे. कस्टमर के फोन नंबर पर जैसे ही ओपीटी आता है, ये उनसे नंबर पूछकर उनका पैसा उड़ा लेते थे.

  ऐसे केस में आम लोग की शिकायत पर पुलिस बहुत कम गंभीरता से लेती है, लेकिन इनकी किस्मत खराब थी कि इन्होंने एक जज की पत्नी की शिकार बना लिया. इसके बाद शिकायत मिलते ही पुलिस इनके पीछे पड़ गई. पूछताछ में पता चला कि दोनों अभियुक्तों के साथ अभी और भी कई लोग इस गिरोह में शामिल हैं. इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए चार राज्यों में क्राइम ब्रांच की टीम अलग-अलग जगहों पर दबिश मार रही है.

  पुलिस द्वारा पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया है कि राजस्थान, हिमाचल, गुजरात, बिहार, कर्नाटक, यूपी, पंजाब, मध्य प्रदेश, मुम्बई, दिल्ली, आन्ध्र प्रदेश, आसाम और हरियाणा में कुल 3500 लोगों को कॉल करके इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया है. जयपुर क्राइम ब्रांच अभी इस मामले को खोलने के लिए कई राज्यों मे दबिश दे रही है. इन दोनों के अलावा कलकत्ता में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, अन्य राज्यों से कई अभियुक्तों की गिरफ्तारी होनी है.

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