1984 में सिख काटे जा रहे थे देश के मंदिरों में बम फुट रहे थे


आमिर खान साहब, ये बन्दर घुड़की से काम नहीं चलेगा, अपनी बेगम से पूछ के बताइयेगा कौन से मुल्क़ की वतन परस्ती उन्हें कबूल है, हम मुहल्ले से चंदा इकट्ठा करके आपके परिवार के लिए बिजनेस क्लास की टिकिट की व्यवस्था कराने की गारन्टी देता हु आमिर ! कभी तो अपनी बीबी का कहा मान लिया करो, चले जाओ किसी और देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया, इराक, लीबिया जैसे आपके तो दुनिया में 56 इस्लामिक मुल्क हैं,

किसी भी देश में अपनी मूवी रिलीज कर लेना भाई, पर प्लीज़ अल्लाह के बास्ते इस बार अपनी बीबी की बात मान लो तुम्हारे डायलाग की स्क्रिप्ट किसने लिखा और क्यों लिखा दुनिया भलीभांति समझती है। यह हिन्दू और हिंदुस्तान ही है जहाँ तुम जी भर कर हिन्दू धर्म, उनकी परम्पराओं देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते हो कभी हिंदुस्तान से बाहर जीसस या पिगअंबर के खिलाफ मुह खोल कर दिखाना।

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वाराणसी के संकट मोचन मंदिर, गुजरात के अक्षरधाम सहित जब देश के मंदिरों में बम फुट रहे थे, गोधरा में ट्रेन जलाये जा रहे थे, 1984 में सिख काटे जा रहे थे, मुजफ्फरनगर और भागलपुर में हिन्दुओं के घर दूकान लुटे जलाये जा रहे थे, जब कश्मीर में कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम हो रहा था तो तुम कहाँ थे ?

 जिन बहुसंख्यक हिन्दुओं के सभी प्रमुख मंदिरों के ठीक बगल में मस्जिदें खड़ी हैं, जिनके आराध्य राम जिनकी हम संतान हैं वो त्रिपाल में हैं, जबकि दुनिया में सबसे ज्यादा मस्जिदें हिंदुस्तान में हैं और सिर्फ हिंदुस्तान का मुसलमान आज शांति सुकून से जी पा रहा है और तुम हिन्दुओं को असहिष्णु कहते शर्म नहीं आई आमिर ?

अगर ईमानदारी से देश समाज और अपने दीन के लिए कुछ करना चाहते हो तो दहशतगर्दी की किताब अल्लहा की आसमानी किताब में से जिहाद, नफरत और कत्लेआम भड़काने वाली आयतों को निकालो। दहशतगर्द की पाठशाला मदरसा और मस्जिद में सहिष्णुता का पाठ पढाओ। अपने मजहबी भाई ISIS, अल-कायदा, बोको-हरम, जैश-ए-मोहम्मद को अमन-चैन के रास्ते पर लाओ। इस्लामिक आतंकबाद ही मानवता और इंसानियत के अस्तित्व के लिए खतरा है, समूची दुनिया इस्लामिक आतंकबाद से त्रस्त है और तुम जैसे बेशर्म सहिष्णु शांतिप्रिय हिन्दुओं को बदनाम करने की साजिश करते हैं।

आमिर तुम्हारे फ्लाईट टिकट का पैसा मैं दूंगा , प्लीज़ दफा हो हिंदुस्तान से और अपने छोटू हकले को ले जाना मत भूलना :-

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