ईद उल फितर क्यों मनाते हैं कब की है eid kab hai 2018 ki hogi when is ul fitr mubarak - Top.HowFN

ईद उल फितर क्यों मनाते हैं कब की है eid kab hai 2018 ki hogi when is ul fitr mubarak


Eid kab hai 2018 ki hogi when is ul fitr क्या आप जानते हैं कि ईद का त्यौहार आखिरकार क्यों मनाया जाता है बहुत से ऐसे लोग हैं जो जानना चाहते हैं कि ईद का त्योहार क्या होता है और कैसे मनाना चाहिए और ऐसे क्यों मनाया जाता है तो चलिए हम बताते हैं ईद-उल-जुहा ईद क्यों मनाते है इन हिंदी मुस्लिम ईद क्यों मनाते है ईद-उल-अज़हा ईद उल फितर पर निबंध ईद मनाने का कारण ईद का इतिहास ईद की कहानी

 ईद मनाने के कारण तो आइए हम बताते ईद मनाने का कारण क्या है

 इस्लामिक कैलेंडर या हिजरी मैं रमजान के महीने को साल का नौवां महीना कहा जाता है जो कि बहुत ही पवित्र महीना होता है इन पवित्र महीनों में रोजा रखते हैं यानी कि पूरे महीने ही रोजा रखा जाता है और आखिरी दिन यानी रमजान के लास्ट दिन रोजा जो है वह चांद देख कर ही तोड़ा जाता है और शाम के समय ईद मुबारक की बधाइयां उसके अगले दिन ईद का त्यौहार मनाने की परंपरा चली आ रही है

ईद-उल-फितर के नाम से भी ईद को जाना जाता है लेकिन यह परंपरा कब से स्टार्ट हुई और कैसे शुरू हुई इसके पीछे भी बहुत बड़ी रोचक कहानियां हैं कहा जाता है की पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब ने बदरा की युद्ध में युद्ध में विजय हासिल की थी उस युद्ध को जीतने की उन्हें इतनी खुशी हुई कि उन्हें लोगों में ईद का त्यौहार मनाने का पैगाम शुरू कर दिया इस तरह से 624 ईस्वी में सबसे पहले ईद उल फितर का त्यौहार जिसे ईद के नाम से जाना जाता है मनाया गया था

2018 Eid kab hogi eid mubarak

वैसे तो पाक मां है यानी रमजान का आखिरी रोजा रोजा गुरुवार को है गुरुवार के दिन 14 तारीख है और 14 तारीख की शाम को चांद देखने के बाद अगले ही दिन शुक्रवार पड़ेगा जिसकी तारीख 14 तक 14 जून है 14 जून को ईद यानी 2018 या ईद उल फितर का त्यौहार 2018 ईद उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ भारत के देश में विभिन्न विभिन्न राज्यों और शहरों में मनाया जाएगा दिल्ली मुंबई गुजरात और लखनऊ कोलकाता शहरों में और देश के और भी हिस्सों में शुक्रवार के दिन जगह-जगह पर और ईदगाहों पर नमाजे पढ़ी जाने का व्यवस्था की गई है

 इससे पहले रोजेदार बड़ी उत्सुकता के साथ शाम के समय से ही ईद के चांद का दीदार करें जाएंगे वैसे तो चांद देखने का सिलसिला गुरुवार को ही 29 वी रोजे के बाद ही चालू हो गया था मकर जी चांद कमेटी रंगीली महल लखनऊ ने कहा था कि इस बार ईदगाह में चांद देखने का पूर्ण रुप से व्यवस्था की गई थी इस तरह से ईद का त्यौहार मनाया जा रहा है

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