facebook in hindi language फेसबुक इसके लिए चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल करेगा. फेसबुक ने बयान जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया नेटवर्क पर इस फीचर का विकल्प शुरू किया जा रहा है ताकि लोगों की निजता की रक्षा हो सके. बहुत से लोग इस बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हैं जो उन्हें वैसे नहीं मिलती. इसके लिए लोगों को फेसबुक को यह अनुमति देनी होगी कि कंपनी उनके फेशियल टेम्पलेट की एक फाइल अपने पास रख सके.

फेसबुक ने कहा है कि फिलहाल यह सुविधा कनाडा ओर यूरोपीय संघ में उपलब्ध नहीं होगी. इन देशों में निजता से जुड़े कानून काफी सख्त हैं हालांकि कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में इन देशों में भी इसे मुहैया कराया जा सकेगा.

तकनीकी कंपनियां चेहरा पहचानने वाली तकनीक को कई रूपों में इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि अभी यह डर बना हुआ है कि फेशियल डाटा का कैसे इस्तेमाल होगा. एप्पल कंपनी इसी तकनीक का इस्तेमाल अपने नए फोन आईफोन एक्स में फोन का लॉक खोलने के लिए कर रही है.

चेहरा पहचानने वाली तकनीक यानी फेशियल रिकॉग्निशन फेसबुक के साथ 2010 से ही जुड़ी हुई है. तब सोशल नेटवर्क ने फोटो में किसी को टैग करने की सुविधा देनी शुरू की थी. यह फीचर भी विकल्प के रूप में ही मुहैया कराया गया था.

इस विकल्प को हां कहने वालों के लिए फेसबुक उनके चेहरे का टेम्पलेट बनाता है और उसके चेहरे के पिक्सेल को पहले से टैग किये शख्स के पिक्सेल से विश्लेषण करता है. इसके बाद यह नई अपलोड होने वाली तस्वीर से उसकी तुलना करता है. जो लोग इस विकल्प से इनकार करते हैं फेसबुक उनके टेम्पलेट डिलीट कर देता है.

नए फीचर के तहत जिन लोगों ने इस विकल्प को स्वीकार किया उन्हें फेसबुक की तरफ से बताया जाएगा अगर उनका कोई फोटो अपलोड होता है लेकिन यह सिर्फ तभी होगा जब फोटो का एक्सेस उनके पास हो.

कंपनी की योजना एक ऑन ऑफ बटन देने की भी है जिसके जरिए यूजर फेशियल रिकॉग्निशन से जुड़े फीचर पर नियंत्रण कर सकते हैं. कंपनी ने बताया है कि सिर्फ प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर किसी व्यक्ति की तस्वीर अपलोड होने पर ही जानकारी दी जाएगी. इसके जरिये कंपनी एक तस्वीर का इस्तेमाल दूसरे के प्रोफाइल पर होने से रोकना चाहती है

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