SBI PNB ICICI HDFC AXIS bank account number details अगर आपको लगता है कि आपके अकाउंट में आपने कितना पैसा जमा कर रखा है यह आपको और बैंक को ही पता है तो आप गलत है। बैंक कई सरकारी एजेंसियों के मांगगने पर आपके अकाउंट की डिटेल शेयर करता है ऐसे में अगर आपके अकाउंट में कोई ऐसा ट्रांजैक्‍शन होता है

जो आपकी इनकम प्रोफाइल से मैच नहीं करता है तो सरकारी एजेंसियां इस पर आपसे पूछताछ कर सकतीं हैं। आज हम आपको बता रहे हैं उन सरकारी एजेंसियों के बारे में जिनके साथ आपका बैंक आपकी अकाउंट डिटेल साझा कर सकता है।

  इनकम टैक्‍स विभाग आजकल ज्‍यादातर बैंक अकाउंट परमानेंट अकाउंट नंबर से लिंक्‍ड हैं। ऐसे में इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट पैन के जरिए आपके बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्‍शन को ट्रैक करता है। अगर इनकम टैक्‍स विभाग को आपके बैंक अकाउंट में हुआ कोई ट्रांजैक्‍शन संदिग्‍ध लगता है तो वह बैंक से आपके अकाउंट की सारी डिटेल मांग सकता है। इसके बाद इनकम टैक्‍स विभाग इस डिटेल के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाता है। इनकम टैक्‍स विभाग को लगता है कि आपके अकाउंट में हुआ ट्रांजैक्‍शन आपकी इनकम प्रोफाइल को मैच नहीं करता है तो वह नोटिस भेज कर आपसे पूछताछ कर सकता है।

  केंद्रीय सतर्कता आयोग फाइनेंशियल इंटेलीलेंस यूनिट 10 लाख रुपए से अधिक के ऐसे ट्रांजैक्‍शन की रिपोर्ट तैयार करता है जिस पर शक होता है कि यह अपराध या भ्रष्‍टाचार से जुड़ा होता है। इसे सस्‍पेक्‍टेड ट्रांजैक्‍शन रिपोर्ट कहते हैं। अगर यह रिपोर्ट केंद्र सरकार के कर्मचारी से संबंधित है तो फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट इस रिपोर्ट को केंद्रीय सतर्कता आयोग यानी सीवीसी से साझा करता है। इसके बाद सीवीसी ट्रांजैक्‍शन की जांच करता है

प्रवर्तन निदेशालय प्रवर्तन निदेशालय आम तौर पर काले धन को सफेद करने से जुड़े मामलों की जांच करता है। अगर सरकार को कहीं से जानकारी मिलती है कि किसी अकाउंट में ऐसा ट्रांजैक्‍शन हुआ है जो काले धन को सफेद करने से जुड़ा है तो प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच के लिए अकाउंट की डिटेल बैंक से मांग सकता है। हालांकि इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय किसी ठोस कारण का हवाला देना होगा।

check que?.ans

इस कमेंट्स बॉक्स में आपके मन में कोई सवाल हो तो पूछे उचित जवाब देने का हमारा प्रयास रहेगा..