आपको लोन देना चाहिए या नहीं, बैंक ये आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखकर तय करते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपकी लोन एप्लिकेशन रद्द न हो, इसके लिए आपको कुछ गलतियां करने से बचना पड़ेगा.

Bankbazaar.com के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) नवीन चंदानी ने aajtak.in से बातचीत में 7 ऐसी चीजें बताई हैं, जिन्हें करने से आपको बचना चाहिए.

1  समय पर बिल भुगतान न करना : अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं या फिर ईएमआई भरते हैं, तो भुगतान समय पर करें.  बिल पेमेंट में देरी से आप बैंकों को ये संदेश देते हैं कि आप अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करते.

2 एक साथ कई लोन : आपने एक सा‍थ कई लोन लिये हैं, तो उतनी ही ज्यादा आपको पेमेंट करनी पड़ती है. इससे आपका क्रेडिट स्कोर काफी कम हो जाता है. चंदानी कहते हैं कि अपने लोन और क्रेडिट व डेबिट कार्ड खर्च में सतुलन बनाए रखें.

 3 कई जगह लोन के लिए अप्लाई करना : जब आप कई बैंको में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए एक साथ अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपका क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं. इसे हार्ड इनक्वायरी कहा जाता है. काफी ज्यादा हार्ड इनक्वायरी होना भी आपको लोन लेने में मुश्कि‍ल पैदा कर सकता है.

4 क्रेडिट लिमिट का पूरा इस्तेमाल न करें : क्रेडिट कार्ड पर अगर आपको 1 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट मिली है, तो कोशि‍श कीजिए कि आप इसमें से 30 से 40 हजार रुपये ही खर्च करें. ज्यादा खर्च से रीपेमेंट का भार बढ़ता है, इससे आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर होता है.

5 क्रेडिट हिस्ट्री तैयार करने से न बचें : चंदानी कहते हैं कि लोन लेने के लिए आपकी क्रेडिट हिस्ट्री सबसे अहम होती है.अगर आपने कभी क्रेडिट कार्ड यूज नहीं किया है या फिर बैंक से किसी भी तरह का कर्ज नहीं लिया है, तो क्रेडिट हिस्ट्री नहीं बनेगी. इसलिए क्रेडिट हिस्ट्री बनाने पर भी अपना फोकस रखें.

6 ज्यादा क्रेडिट कार्ड न रखें : ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने का मतलब है कि हम ज्यादा कर्ज लेने से डरते नहीं हैं. इससे आपको नया कर्ज मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है. इसलिए ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने से बचने में ही समझदारी है.

7 - 900 के करीब रखें अपना क्रेडिट स्कोर  :  चंदानी बताते हैं कि आपका क्रेडिट स्कोर 300 से 900 अंकों के बीच आंका जाता है. आपका स्कोर 900 अंकों के जितने करीब होगा, बैंकों से लोन मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा रहेगी.

8 - क्या है सिबिल स्कोर : क्रेडिट इंर्फोमेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया लिमिटेड (CIBIL) आपके क्रेडिट स्कोर की जानकारी रखता है. आपके क्रेडिट स्कोर को ही ‘सिबिल स्कोर’ कहा जाता है. इसी के आधार पर बैंक आपको लोन देते हैं. इसलिए नियंत्रित खर्च कीजिए, समय पर बिल भरिये और कम कर्ज लीजिए. आपको लोन मिलना पक्का

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