• विटामिन बी 12 की कमी 
  • तंत्रिका अंगों के क्षतिग्रस्‍त होने का संकेत 
  • High BP 
  • थकान
  • शराब का अत्यधिक सेवन
  • संक्रामक रोगों
Body में जलन सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है कई बार यह जल्‍दी समाप्‍त हो जाती है और कई बार काफी लंबे समय तक भी पैरों में जलन का सामना करना पड़ सकता है इस कारण अकसर पैरों में सूजन और लालिमा बढ़ जाता है आमतौर पर, इनसे जुड़ें लक्षण किसी भी अवस्‍था के मूल कारण की पहचान कराने में मदद करते हैं। सामान्य थकान और अधिक परिश्रम पैर जलन का सबसे आम कारण हैं, यहां पर पर पैरों में जलन के कुछ गंभीर कारण दिये है जिन्‍हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए

न्यूरोपैथी के कारण पैरों में होने वाली जलन का सबसे महत्वपूर्ण उपचार तंत्रिकाओं की होने वाली क्षति को रोकना है। कुछ परिस्थितियों में तो इस रोग का उपचार उसके कारणों का पता करके हो जाता है लेकिन कुछ परिस्थितियों जैसे स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी (Small fiber neuropathy) में कारण का पता न चलने पर डॉक्टर उसके लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं। डायबेटिक (शुगर) न्यूरोपैथी वाले लोगों के लिए, रक्त शर्करा का स्तर सामान्य रखना ही इसका इलाज है।

इसमें आम तौर पर खान पान में परिवर्तन, दवाओं के सेवन और इंसुलिन इंजेक्शन लगवाने की आवश्यकता होती है।

 इसके इलाज के अन्य उपाय इस प्रकार हैं : 
  1. अतिरिक्त विटामिन बी 12 का सेवन या इंजेक्शन लेने से इस पोषक तत्व की कमी दूर की जा सकती है।
  2. शराब का अत्यधिक सेवन रोकने से तंत्रिका क्षति को रोका जा सकता है।
  3. क्रोनिक किडनी डिजीज की स्थिति में डायलिसिस (Dialysis) द्वारा न्यूरोपैथी के कारण विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने और पैर की जलन को ख़त्म करने में मदद मिलती है।
  4. थायरॉयड के सेवन से न्यूरोपैथी को कम करके पैरों की जलन से छुटकारा मिलता है।
  5. जीबीएस और सीआईडीपी (GBS and CIDP) के उपचार के लिए प्लाज्मा परिवर्तन (प्लास्माफेरेसिस) या इम्यून ग्लोबुलिन थेरेपी (आईवीआईजी) करवाकर पैरों की जलन से आराम मिलता है।
 दवाओं के सेवन से भी जलन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। एथलीट के पैरों में जलन होने पर एंटिफंगल दवाएं, फंगल संक्रमण का इलाज करती हैं और जलन में राहत देती हैं।

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