एक्सीडेंट होने पर अक्सर लोग घबरा जाते हे. उन्हें यह नहीं मालूम होता हे की जिसे चोट लगी हे उसे फर्स्ट एड कैसे दिया जाये या फिर किस तरह से लिटाया जाये. एम्बुलेंस आने और हॉस्पिटल पहुँचने तक मिलने वाले समय में उन्हें क्या ट्रीटमेंट दिया जाये ताकि उनकी जिंदगी को बचाया जा सके. आज हम आपको बता रहे हे की एक्सीडेंट होने पर कैसे फर्स्ट एड दिया जाये, जिससे ब्लीडिंग को कण्ट्रोल कर सके. 

How To Stop Bleeding

1. घायल व्यक्ति के सबसे पहले हाथ-पैर हिलाए, ताकि यह मालूम चल जाए की बॉन इंजरी हुयी हे या नहीं. यदि पेशेंट को हाथ-पैर हिलाने या उठाने पर दर्द आ रहा हे या फिर हड्डियों के बीच गैप दिखाई दे रहा हे तो उसे बॉन इंजरी हो सकती हे.

2. ब्रीडिंग और प्लस चेक करे. नाक से सांस बाहर आ रही हे या नहीं. यह चेक करने के बाद एम्बुलेंस को कॉल करे. सांस की नाली का रास्ता रुका होने पर मुहं में मिडिल फिंगर डालकर खोल दे.

3. प्लस नहीं आने पर CPR दे. माउथ टू माउथ, माउथ टू नोज और माउथ टू मास्क सांस दे. मुहं से ब्लीडिंग या वामेट होने पर करवट दिलवाएं. ताकि ब्लड लंग्स में नहीं जा पाए. 

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4. दोनों हाथों को एकदम सीधा करें. घाव होने पर कपड़े से बांधे. ऐसा संभव नहीं होने पर हाथ के अंगूठे और ऊँगली से प्रेशर डाले. ताकि घाव से ज्यादा ब्लीडिंग ना हो पाए.

5. स्माइनल और गर्दन की इंजरी होने पर सीधा उठाकर स्ट्रेचर पर लेटायें. उठाते वक्त गर्दन का मूवमेंट नहीं होना चाहिए. ताकि उसकी जिंदगी को खतरा ना रहे. मरीज को पानी और चाय नहीं पिलायें. हर तरह की फीडिंग अवॉयड करें. उसे गर्म कपड़ा और चद्दर ओडायें. जिससे उसका शरीर गर्म रहें.

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