छिपकली का जहर काटने से क्या होता है lizard meaning in hindi - Top.HowFN

छिपकली का जहर काटने से क्या होता है lizard meaning in hindi


lizard bite poisonous house lizard facts भारत में  lizard - अलग अलग भाषा में अलग अलग नामों से जाना जाता है।

 मराठी में पाल , तमिल में पल्ली , मलयालम में गवली , गुजराती में गरोड़ी , बंगाली में टिकटिकी , कन्नड़ में हल्ली , तथा उरिया भाषा में झिटी पिटी कहते है अंग्रेजी में इसे कॉमन हाउस गेको या हाउस लिज़ार्ड कहा जाता है
यह 3 से 6 इंच तक लंबी हो सकती है इसकी उम्र लगभग 5 साल होती है यही नहीं, अलग जगह पर छिपकली की आवाज निकालने के ऊपर भी कई बातें बोली जाती हैं

Chipkali ka marna
  • छिपकली को देखने पर हमें अच्छा नहीं लगता उसे तुरंत भगाने की इच्छा होने लगती है। थोड़ी डरावनी सी शक्ल और त्वचा की सूखी और अजीब बनावट खौफ पैदा करती है
  • यह कीड़े , मकोड़े , मकड़ी आदि की तलाश में घूमती रहती है इन्ही को खाकर जिन्दा रहती है 
  • कुछ लोग छिपकली को भगाते नहीं है क्योकि यह घर में कीड़े मकोड़े ख़त्म कर देती है। दिन में यह अँधेरी जगह छुपी रहती है। 
  • रात को खाने की तलाश में घूमती है खतरे का अहसास होने पर यह अपनी पूंछ को अलग कर देती है जिससे हमलावर का ध्यान भटक जाता है और यह बच निकलती है 
  • यह पूँछ 20 -25 दिन में वापस उग जाती है। यह ” टिक-टिक-टिक ” इस प्रकार की आवाज निकालती है कुछ घरों में तो यह भी विश्वास माना जाता है कि उनके पूर्वज छिपकली के रूप में घर में रहते हैं। आनवाले बुरे या अच्छे समय के संकेत देते रहते हैं
Chipkali astrology - इसी तरह से पुराणों में छिपकली के अलग-अलग अंगों में गिरने का मतलब बताया गया है, जिससे आप आनेवाले समय के बारे में पता लगा सकते हैं गौली शास्त्र में छिपकली को घर का एक अहम हिस्सा माना जाता है। इन्हीं सब कारणों की वजह से छिपकली को भगवान का दूत माना जाता है।

छिपकली मारने पर हिंदू धर्म में मना है- कहा जाता है कि छिपकली को मारना पाप होता है, जिसका फल उसे बाकी के जन्मों में भुगतना पड़ सकता है। इसलिए छिपकली को न मारना एक नियम-सा बना दिया गया है, क्योंकि यह इंसान और भगवान के बीच संवाद का एक जरिया होती हैं।

कुछ मंदिरों में होती है पूजा कुछ मंदिरों में छिपकली को पूजा भी जाता है। श्री रंगम रंगनाथ स्वामी मंदिर में दिवारों पर छिपकली के चित्र उकेरे गये हैं। कहा जाता है कि इन छिपकलियों के दर्शन से भगवान के दर्शन का फल दोगुना हो जाता है।

chipkali ko marna ke katne se kya hota hai 


कांचीपुरम के वर्दराज स्वामी मंदिर के गर्भगृह के बगल में एक खास जगह है, जहां एक चांदी और एक सोने की छिपकलियों को छत पर पर उकेरा गया है।

ऐसा कहा जाता है कि भगवान के दर्शन तब तक पूरे नहीं हो सकते, जबतक आप उन छिपकलियों के दर्शन नहीं कर लेते। कहा जाता है कि यह दो छिपकलियां पुराने समय में गंधर्व थे, जिन्हें छिपकली बनने का श्राप मिला था ये जानकारी अधिक से अधिक शेयर करे 
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