ब्रूस ली ने कहा है कि गुस्सा एक पल में किसी को भी मुर्ख साबित के सकता है. कुछ लोगो की आदत बात-बात पर गुस्सा करने की होती है. लेकिन क्या गुस्से पर काबू पाना संभव है.
Fact About Angriness 

1. इसका एक तरीका है खुद से सवाल किया जाए की मुझे गुस्सा कब और क्यों आता है. निश्चित ही आपको पता होगा की किन परिस्थितियो ने आपको गुस्सा दिलाया. अगला सवाल होना चाहिए की गुस्सा मुझ पर इतना हावी कैसे हो गया. कहि ऐसा तो नही किसी डर, किसी हार, किसी छोटी-सी भूल ने गुस्सा दिलाया हो. अक्सर तो गुस्सा आता है, जब मन चाहा काम नही हो रहा हो. असल में सभी को कभी न कभी इस स्थिति से गुजरना ही पड़ता है. गलतिया स्वीकारने, जिम्मेदारियां कबूल करने की भावना इस पर नियंत्रण ला सकती है.

2. गुस्से का कारण जानने भर से गुस्से पर काबू नही पाया जा सकता है. क्योकि कई लोगो के लिए गुस्सा बहुत ताकतवर प्रेरणा और मोटिवेशन भी होता है. गुस्सा और एक दिशा पा जाए तो यह लाभदायक भी हो सकता है. इसी दिशा में सोचना चाहिए. ऐसा कर पाए तो यह समस्याओ के समाधान में मददगार भी होगा. इस तरह अपने गुस्से को पॉजिटिव और क्रिएटिव दिशा दी जा सकती है.

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3. गुस्सा यूनिवर्सल भावना है. सभी में होता है. लेकिन जब कहि एक एक जैसे गुस्से वाले लोग एकसाथ जमा हो जाए तो वहां एक अलग ही स्थिति बन सकती है. इसका सकारात्मक पक्ष यह है कि एक जैसे लोग जब एक ही गोल के बारे में सोचते हैं तो उनकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है. अगर वे एक टीम के रूप में काम करना शुरू कर दे तो वे अपने प्रतिद्वन्दियों से काफी ताकतवर हो सकते हैं. हालांकि गुस्सा अगर अनियंत्रित हो तो सेल्फ डिस्ट्रक्टिव हो सकता है. बुद्ध ने इस बारे में कहा है कि आपको गुस्से के लिए दंडित नही किया जाता, बल्कि गुस्सा ही आपको दंडित करता है.
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