दही कितना कब और क्यों लेना चाहिए - Top.HowFN.com

दही कितना कब और क्यों लेना चाहिए

About Curd - दही को लेकर भ्राति रहती है कि ठंड में इसका सेवन करे अथवा नही. इससे कफ बढ़ सकता है, लेकिन ऐसा नही है जानिए दही के बारे में आयुर्वेद और मेडिकल साइंस क्या कहता है.
आयुर्वेद की चरक संहिता में दही के लिए लिखा है- 'दधिक कल्पतरु'. यानि दही खाना कल्पतरु के समान है, जिससे सारे रोग नष्ट हो जाते हैं.

16 वीं सदी के वनोषधीय ग्रन्थ 'भाव प्रकाश' में दही को बहुत उपयोगी बताया है. शीत ऋतु में भी एक समय के बाद इसे नही खाना चाहिए. यदि खाया तो नर्वस सिस्टम और चेतना कमजोर होने लगती है, जिससे थकान,निद्रा और आलस हो जाता है.

यह भी पढ़े केले के छिलके के फायदे

किस समय खाना सही
आयर्वेद के अनुसार दोपहर 2 से 3 बजे तक शीत में दही खाने लाभकारी है. रात को सेवन से फेफड़ो में इंफेक्शन, खांसी, जुकाम व जोड़ो में तकलीफ बढ़ती है. खाली पेट सुबह खाने से पेट में अल्सर, एसिडिटी, हाथ-पैर में दर्द, आँखों में जलन और आंतों के रोगमे आराम मिलता है.

क्या करेगा
जिन लोगो को कमजोरी, वजन न बढ़ने, अपच या भूख न लगने की समस्या हो, उन्हें भोजन के पश्चात एक कटोरी मीठा दही खाना चाहिए. वह ताजा हो. दही को कभी भी दूध या दूध की चीजों के साथ नही खाना चाहिए, वरना अपच होगा.

करता क्या है
मेडिकल साइंस के अनुसार दही प्रोबायोटिक बैक्टीरिया फ़ूड है. इसे खाने से आंतों में पाचन के लिए अच्छा वातावरण बनता है. दूध न पिने वालो को दही से सारे तत्व मिल सकते हैं. एक समय में 250 ग्राम दही खाया जा सकता है.

3 Responses check and comments

  1. पथरी का उपाय बताये

    ReplyDelete
  2. Thanks for sharing such a nice article ..... Really amazing post!! :) :)

    ReplyDelete

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel