जानिये क्यों होती हे नाक में साइनस की प्रॉब्लम, लक्षण और इलाज - Top.HowFN.com

जानिये क्यों होती हे नाक में साइनस की प्रॉब्लम, लक्षण और इलाज

नाक के चारो तरफ की हड्डियों में हवा जाने के लिए छोटे-छोटे छिद्र बने होते है. इन छिद्रों का बन्द होना ही साइनस की प्रॉब्लम है. लम्बे समय तक साइनस बन्द होने से फंगस बन जाता है, पस भर जाता है. यह प्रॉब्लम ज्यादातर उन लोगो में होती है, जिन्हें एलर्जी या इम्युनिटी कम होती है.


लक्षण
नाक बंद होना, जुकाम लगना, स्मेल बन्द होना और सिर दर्द होना. शुरुआत में इन्हें नजरअंदाज किए जाने की वजह से यह प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ जाती है.

इलाज
साइनस खराब होने पर प्रॉपर इलाज की जरूरत हैं. मेडिकल ट्रीटमेंट से रिलीफ नही मिलने पर एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी की जाती है. एक-एक साइनस को खोला जाता है. साइनस खुलने के बाद दवाई दी जाती है. ताकि दुबारा साइनस नही हो पाए. सानुसाइटिस पर ध्यान नही देने पर आँख खराब हो सकती है. ब्रेन में इंफेक्शन फैल सकता है. साइनस में स्टीरॉयड का बड़ा रोल है. लेकिन ओरल स्टेराइड नही देते हैं. ताकि शरीर के सिस्टम को नुकसान नही पहुच पाए. सारे साइनस खोलने के बाद स्टीरॉयड से नाक को वॉश करवाया जाता है. कारण को टैस्ट करवाकर ठीक किया जाता है.

यह भी पढ़े क्रोध आने पर क्या करें

एक्यूप्रेशर 1 से 2 मिनट तक दे प्रेशर क्रिया
साइनस संक्रमित हो जाने पर सिर, ऊपरी जबड़ा, मुह में दर्द, नासिक में तरल पदार्थ, मुह से बदबू आना आदि विकार हो जाते हैं. तेज साइनस के विकार स्वरूप ऊपरी जबड़े में दर्द होने लगता है. आलस, सुस्ती तथा दर्द के कारण उल्टी हो जाती है. इस बीमारी में एक्यूप्रेशर प्रद्धति में एक ही प्रकार के बिंदुओं को उचित दबाव देकर चिकित्सा कि जाती है. प्रतिदिन 1 से 2 मिनट तक प्रेशर क्रिया का समय काफी है. रोगी को नियमित उपचार देने पर ऑपरेशन से बचाया जा सकता है.

0 Response to "जानिये क्यों होती हे नाक में साइनस की प्रॉब्लम, लक्षण और इलाज "

Post a comment

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel