क्या होता हे रेस्टलेस सिंड्रोम, कारण, लक्षण और बचाव के उपाय..Restless Sindrom In Hindi - Top.HowFN.com

क्या होता हे रेस्टलेस सिंड्रोम, कारण, लक्षण और बचाव के उपाय..Restless Sindrom In Hindi

रेस्टलेस सिंड्रोम ऐसी समस्या हे जिसमे रोगी को अपने पैरों में झनझनाहट और बेचेनी महसूस होती हे. बेचेनी इतनी ज्यादा बड जाती हे की रोगी लगातार अपना पैर हिलाता रहता हे. यह समस्या अक्सर रात में सोते समय ज्यादा महसूस होती हे. इसमें रोगी को ऐसा लगता हे की उसकी टांग पर कुछ रेंग रहा हे और उस बेचेनी को रोकने के लिए उसे walk करनी पड़ती हे. इस से रोगी की नींद भी बाधित होती हे.

किन लोगो को इस सिंड्रोम के होने का खतरा ज्यादा रहता हे??
वेसे इस समस्या के सटीक कारणों का तो पता नहीं लग पाया हे. लेकिन इस बीमारी के बारे में कहा जाता हे की यह समस्या आनुवांशिक कारणों से भी हो सकती हे. ऐसी स्थिति में इस बीमारी के लक्षण 40 साल की उम्र से पहले ही दिखने लगते हे. वेसे यह बीमारी बुजुर्ग लोगों में ज्यादा देखने को मिलती हे. कई बार डोपोमाइन के कम होने के कारण भी इस तरह की बीमारी हो सकती हे.

किन वजह से यह समस्या पैदा होती हे??
शरीर में आयरन की कमी, किसी जटिल बीमारी जैसे पर्किसंस, किडनी की बीमारी, शुगर आदि होने पर रेस्टलेस सिंड्रोम की समस्या बड सकती हे. गर्भवती महिलाओं में भी यह समस्या हो सकती हे लेकिन बच्चे के जन्म के बाद यह समस्या खत्म हो जाती हे. इसके अलावा तनाव, मोटापा, शराब, धुम्रपान आदि भी इसके कारण हे.

कैसे बचे इससे
अगर यह बीमारी शुरूआती स्टेज पर हे विटामिन बी और आयरन की भरपूर मात्रा ले और पैरो की मसाज़ करें. अगर समस्या नर्व सिस्टम से जुडी हे तो डोपोमाइन को बढाने की दवाइयां डॉक्टर के परामर्श से ले.

0 Response to "क्या होता हे रेस्टलेस सिंड्रोम, कारण, लक्षण और बचाव के उपाय..Restless Sindrom In Hindi "

Post a comment

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel