कॉरपोरेट जगत की तर्ज पर करते हैं धंधा
- युवाओं के जिस्म के सौदेबाजी का काम बेहद प्लान तरीके से होता है।
- यही वजह है कि कमाई का 20 फीसदी हिस्सा इन्हें अपनी संस्था को देना होता है, जिनसे ये जुड़े हुए हैं।
- इस कारोबार में कई युवा अपनी लक्जरी जरूरतों की पूर्ति के लिए इस दलदल में फंस रहे हैं
सोशल मीडिया का भी होता है इस्तेमाल

- इस धंधे में सोशल मीडिया और कई प्रोफेशनल साइट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
- प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंकडिन में प्रोफेशनल जिगोलो के नाम से कई प्रोफाइल बनाई गई है।
- कई प्रोफाइल में मसाज, स्पा और थेरेपिस्ट के नाम से भी प्रोफाइल बनाई जाती है जो जिगोलो सर्विस देती है।
- हालांकि कई साइट इनमें से रिजस्ट्रेशन फीस मांगती हैं, जो फेक भी होती है और कई के पैसे भी चले जाते है

स्टूडेंट्स हैं सबसे ज्यादा

- कई ऐसे ऑर्गेनाइजेशन भी होती है जहां इन जिगोलो की ट्रेनिंग देती है।
- ट्रेनिंग में महिलाओं से कैसे बात की जाए, उन्हें किस तरह से संतुष्ट किया जाए। बता दें कि कई समलैंगिक भी जिगोलो को हायर करते हैं।
- कई जिगोलो तो बहुत पढ़े लिखे हैं। इनमें इंजीनियरिंग और मेडिकल समेत कॉम्पटेटिव एक्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स सबसे ज्यादा हैं।

गले में डालते हैं रुमाल या पट्टे

- जिगोलो का एक खास ड्रेस कोड होता है। इच्छुक महिलाओं को ये ड्रेस कोड बताया जाता है।
- कुछ जिगोलो गले में रुमाल या पट्टे लगाकर रखते हैं। ये एक इशारा होता है।
- आपको हैरानी होगी कि ये रुमाल या पट्टा उनके प्राइवेट पार्ट की लंबाई दर्शाता है।

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