आये दिन अख़बारों में आता हे की आतंकवादियों ने कश्मीर, फ़्रांस और ना कई जगहों पर बम गिराएं और हजारों लोगो की जान ली. लेकिन एक सवाल हमेशा दिल में आता हे की यह लोग ऐसा क्यों करते हे, इन्हें यह सब करके क्या मिलता हे, क्या इनका मजहब इन्हें कुछ नहीं कहता या इनका कोई मजहब ही नहीं हे. सवाल बहुत से हे लेकिन जवाब कोई नहीं. ना जाने कितने मासूम लोगो की जाने लेते हे यह आतंकवादी.

अभी आज ही खबर आई की जश्न मना रहे लोगो को ट्रक से रोंद डाला, जिमसे 84 लोगो की जान चली गयी. क्योकि अलकायदा का आदेश था की ट्रक से लोगो को कुचल डालो और ट्रक को बहुत तेज स्पीड में रखो और यह हमला फ्रासं में नेशनल डे के दिन हुआ. मरने वालो में 10 बच्चे भी थे जिन्होंने अभी तक इस दुनिया को सही से देखा तक नहीं.

हमारे सेना के जवान मारे जाए तो कोई बात नहीं, लेकिन उनका एक आतंकवादी मारा जाये तो शोक मनाते हे. ताजा उदहारण कश्मीर में देख सकते हे. एक आतंकवादी का एनकाउंटर कर दिया तो पुरे कश्मीर में दंगे कर दिए. मासूम लोगो को बेवजह मारा जा रहा हे, बसे जलाई जा रही हे.
पकिस्तान अब भी अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा हे. आये दिन साबुत मिलते हे की आतंकवादी पकिस्तान से आते हे. लेकिन वो हर बात से मुहं मोड़ लेता हे. अभी उसकी करतूत देख लो आतंकवादी बुरहान की मोत का शोक मना रहा हे, लेकिन उसने जो लोगो को मारा उसका शोक कोन मनायेगा.
लाखो कोशिसे, प्रयास सब विफल रह जाता हे. हम 100 को मारते हे, यह और 100 पैदा हो जाते हे. कब होगा इनका अंत. कब हम लोग चेन की नींद ले पाएंगे. इन आतंकवादियों का तो अजीब मानना हे की लोगो को मारने से जन्नत मिलती हे. लेकिन वो यह भूल जाते हे खुदा ने लोगो की मदद के लिए पैदा किया हे ना की उनको मारने के लिए.

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