जेसे जेसे technology और डिमांड बडती जा रही हे, वेसे वेसे frod और धोखे भी बड़ते जा रहे हे. ऐसी कई नकली कंपनियां हे जो नोकरी के झूठे वादे करके लोगो से पैसे ठगती हे. कई बार बैंक खातों की जानकारी मांगकर भी ठग दिया जाता हे. आज की इस पोस्ट में, में आपको बताऊंगा की कोन से 4 तरह के फ्रोड भारत में मुख्य रूप से होते हे और कैसे बचे इनसे.

यह होते हे 4 तरह के फ्रोड
1. पहचान पत्र में फ्रोड
इस फ्रोड में किसी के पहचान पत्र को चुराकर धोखा किया जाता हे. पहचान पत्र के द्वारा वो फर्जी डॉक्यूमेंट बना सकता हे. या कही पर verification करवाकर आपकी डिटेल जान सकता हे.

2. ऑनलाइन धोखा

इसमें इन्टरनेट से लोगो के बैंक खातो की जानकारी, debit और credit card की जानकारी, ईमेल आदि की जानकारी ली जाती हे. इसके लिए फर्जी ईमेल, फिशिंग ईमेल बनाये जाते हे और लोगो से ठगी की जाती हे. भारत में ऑनलाइन ठगी सबसे ज्यादा की जाती हे क्योकि लोगो को इसके बारे में जानकारी नहीं होती हे.

3. Personal Frod
इसमें किसी और की पॉवर ऑफ़ अटर्नी और उस राशी का यूज़ Personal काम के लिए कोई व्यक्ति करता हे तो यह भी एक धोखा हे.

4. बिमा में धोखा
इसमें कोई व्यक्ति बिमा एजेंट होने का दावा करके आपको फर्जी पालिसी के बारे में बता के पैसे ले लेता हे. लेकिन जब बीमे का दावा किया जाता हे या बिमा पालिसी की जाँच की जाती हे तो पीड़ित व्यक्ति को पता चलता हे की उसका तो बिमा हे ही नहीं और वो धोखे का शिकार हो जाता हे.

क्या हे इनके लिए कानून

1. अगर कोई debit और credit card या लोन का धोखा होने पर आपको पुलिस के पास जाने से पहले बैंक में जाना चाहिए और आपके खाते को बंद करवाना चाहिए.

2. इन्टरनेट पर मोजूद उपभोक्ता फोरमों पर भी इन धोखों की शिकायत करनी चाहिए.

3. बैंक से रिलेटेड जानकारी किसी को नहीं देनी चाहिए, क्योकि जब आप बैंक में जाते हे तो वंहा साफ-साफ लिखा होता हे की बैंक आपसे किसी भी तरह की जानकारी नहीं लेता हे.

4.इसमें पीड़ित व्यक्ति अगर कोई वकील नहीं करना चाहता हे तो वो खुद अपना मुकदमा लड़ सकता हे.

5. आप उपभोक्ता अदालतों में अपना केस दर्ज़ कर सकते हे. जंहा उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन होता हे, वंहा आपको हर्जाना पाने का अधिकार होता हे.

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