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नोरेक्सिया नर्वोसा एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को हमेशा अपना वज़न बढ़ने की चिंता रहती है। उन्हें हमेशा लगता है कि उनका वज़न बढ़ जाएगा। इसलिए वे अपने खानपान में जरूरत से ज्यादा नियंत्रण करने लगते हैं। कई बार बहुत अधिक पतला होने के बाद भी मरीज को अपने मोटे होने का शक रहता है। ऐसे लोगों के लिए यह समस्या सिर्फ कम खाने की नहीं होती बल्कि कई बार निराहार रहने तक की नौबत आ जाती है। वजन काफी कम होने से मेडिकल और साइकोलॉजिकल कॉम्प्लीकेशन की आशंका बढ़ जाती है। एनोरेक्सिया नर्वोसा की लगभग 90 फीसदी मरीज महिलाएं होती हैं। युवा महिलाओं में जो ऐसे प्रोफेशन से जुड़ी हैं जिसमें लोगों में दुबला रहने के लिए विशेष सामाजिक दबाव होता है (जैसे एक्टर्स, मॉडल, एथलीट्स, युवा लड़कियां) उनके इस बीमारी से ग्रस्त होने की आशंका अधिक होती है wajan kese kam kare can stress cause weight loss even when eating
एनोरेक्सिया नर्वोसा गंभीर अनुवांशिक रोग है जिसके अनुवांशिक तौर पर होने की आशंका 50% से 80% तक होती है। 40 से अधिक जींस का संबंध एनोरेक्सिया नर्वोसा से है। इससे मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में सीरोटोनिन की गतिविधी भी कम हो जाती है। एनोरेक्सिया नर्वोसा के रोगियों में बीडीएनएफ जीन का स्तर काफी कम होता है। आत्मविश्वास की कमी, अभिभावक का अलग रहना, व्यवहार कुशल न होना, अकेले खाने की आदत, ज्यादा फैशन मैग्जीन पढ़ना, पतले होने का सामाजिक दबाव, बचपन में मोटा होना और किसी मानसिक बीमारी से ग्रसित होना जैसी स्थिति इस रोग को बढ़ाती हैं

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  • व्यक्ति को चिकित्सा द्वारा उसकी आयु और कद के अनुरूप सही वजन तक वापस पहुंचाना।
  • रोग से जुड़े मनोविकारों का इलाज करना।
  • ऐसे विचारों को कम करना या खत्म करना जिससे आहार प्रक्रिया मूल रूप से अवरूद्ध हुई थी।
  • कॉग्निटिव बिहेवियर थैरेपी का प्रयोग। इसमें मरीज़ के विचारों एवं व्यक्तित्व को बातचीत द्वारा सुधारने का प्रयास होता है।
  • डिप्रेशन एवं तनाव संबंधी समस्याएं होती हैं तो मनोचिकित्सक से परामश लेकर दवाईयां लेना चाहिए। 
  • व्यायाम से शरीर में बीडीएनएफ जीन के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
  • संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटामिन और मिनरल्स लें
  • सामान्य बॉडी मास इंडेक्स (18.5-24.9) के अंदर रखने की कोशिश करनी चाहिए
  • वजन, शारीरिक संरचना और भोजन के बारे में ज्यादा नकारात्मक नहीं सोचना चाहिए।
  • अगर बढ़े हुए वजन को लेकर तनाव में हैं तो घर के लोगों से या फैमिली फिजीशियन से इस बारे में बात करना चाहिए।
अगर घर के किसी सदस्य का वजन कम हो और व्यवहार में बदलाव देखते हैं तो वो इसके लिए मनोचिकित्सक से मदद लेना चाहिए

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