Jaundice meaning in hindi - जांडिस (पीलिया) लिवर संबंधी एक बीमारी है यह बीमारी रक्त में बिलरूबीन की मात्रा बढ़ जाने के कारण होती है। सामान्यत: शरीर में बिलरूबीन का स्तर 0.2 से 1.2 mg/dl से कम होता है लेकिन जब यह 3 mg/dl से बढ़ जाता है, तो जॉन्डिस (पीलिया) को पहचाना जा सकता है। इसके होने पर त्वचा का रंग पीला हो जाता है, त्वचा चिपचिपी हो जाती है और आंखें पीली नजर आने लगती हैं। इसके अलावा पेट में दर्द व सूजन, उल्टी आना, जी मचलाना, कमजोरी, सिरदर्द, भूख न लगना और बैचेनी जैसे लक्षण प्रमुखता से महसूस होने लगते हैं। सामान्यत: जॉन्डिस (पीलिया) दो प्रकार के होते हैं सर्जिकल जॉन्डिस और मेडिकल जॉन्डिस

Jaundice Diet -(Piliya rog ka ilaj)
  1. नियमित तौर पर 1 गिलास टमाटर का जूस काली मिर्च और नमक डालकर पीना फायदेमंद होता है
  2. धनिया बीज - को रात में भिगोने रख दे सुबह उन बीजों को खाये 
  3. मूली का रस पीलिया रोग उपचार में जरुर पीना चाहिये यह लिवर से bile pigment, bilirubin को सामान्य करने में उपयोगी है 
  4. नवजात शिशुओं में यदि जॉन्डिस के लक्षण हो तो ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माताओं को भी रोजाना सुबह एक गिलास टमाटर का जूस पीना चाहिए।
  5. आयरन और कैल्सियम जॉन्डिस से लड़ने के लिए जरूरी है, इसलिए इन दोनों तत्वों से युक्त होने के कारण छांछ का सेवन करना फायदेमंद है।
  6. पपीता खाने से एंजाइम एल्बुमिन का स्तर संतुलित रहता है
  7. गन्ने का जूस पीये यह ब्लड में अतिरिक्त बिलरुबिन की मात्रा सही करता है 
  8. दही पीलिया रोग से लड़ने में  कारगर सिद्ध होता है इसमें उपयोगी बैक्टीरिया Jaundice फैलने से रोकते है 
Gallbladder stone पित्ताशय की पथरी से पीलिया : इस जॉन्डिस में पित्त वाहिनी और लिवर से पित्त के प्रवाहित होने में बाधा आती है। इस जॉन्डिस के होने का प्रमुख कारण पित्ताशय की पथरी (गाल ब्लाडर स्टोन) के पित्त वाहिनी में खिसक जाने के कारण होता है। ट्यूमर या कैंसर भी पित्त वाहिनी, पित्ताशय (गाल ब्लाडर) अग्न्याशय (पैन्क्रीयास) को प्रभावित करता है। सर्जिकल जॉन्डिस की जांच के लिए पेट की अल्ट्रासाउंड जांच की जाती है। एन्डोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड अबस्ट्रक्टिव जॉन्डिस होने की सही वजह पहचान लेता है। पहचानने के बाद पित्ताशय में से पत्थर को अलग कर दिया जाता है, यदि पित्त वाहिनी, पित्ताशय या अग्न्याशय में कैंसर होता है तो पित्त वाहिनी में बाधा आती है। ऐसे में प्लास्टिक या मेटल की सेंट (जाली) लगा दी जाती है

Medical Jaundice मेडिकल जॉन्डिस में हेपेटाइटिस (लिवर में सूजन) आ रही होती है। हेपेटाइटिस ज्यादातर मामलों में वायरल इंफेक्शन के कारण होता है,

हेपेटाइटिस के मुख्य पांच प्रकार : हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई हैं। इसके साथ ही एल्कोहल लेने, दवाइयों के सेवन, बैक्टीरिया इंफेक्शन के कारण भी हेपेटाइटिस हो सकता है। बहुत कम होने वाले हेपेटाइटिस के प्रकार में लिवर मेटाबॉलिक सिंड्रोम या ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस भी होते हैं। ज्यादा शक्कर का सेवन, हर्बल सप्लीमेंट और बहुत ज्यादा विटामिन ए लेने से भी लिवर को नुकसान पहुंचता है।

ध्यान देने योग्य बाते - ब्लड टेस्ट के माध्यम से सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट जिससे बिलिरूबीन का स्तर, पेन्क्रिटिटिस, की जांच की जाती है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह टेस्ट आवश्यक है। इसके अलावा पेट की अल्ट्रासाउंड जांच, कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी, सीटी स्कैन, कोल-साइंटीग्राफी हाइडा स्कैन, मैग्नेटिक रीसोनेन्स इमेजिंग (एमआरआई), एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलांगियो पेन्क्रिएटोग्राफी (ईआरसीपी) आदि जांच की जाती है

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  1. Hi mere ko year 2012 me sabse pahle piliya hua tha us samay mera blurubin 4.3 that . iske baad medicine she me lagbhag 1 mahine me think ho gya lekin an muje har sal August mahine me piliya ho jata hai mai ESA kya karu ki muje an kabhi piliya nhi ho abhi mera blurubin 3.1 hai mene oil aur oily products pichhle 2.5 years se bilkul band kar rhkha hai aur pani bhi purified hi pita hu

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