महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं पचती Indian mythology - Top.HowFN.com

महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं पचती Indian mythology

अकसर आपने लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि ‘महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं पचती’। ऐसा क्यों... आज इसके जवाब में तो हम ये ही कह सकते हैं कि उनका स्वभाव ही कुछ ऐसा होता है कि वे पल झपकते बातें उगल देती हैं। लेकिन सबसे ज्यादा बातें भी यही शेयर करती हैं। 

तब ज़रा दिमाग को जोर देने पर यह मालूम होता है कि यह बात कैसे-कैसे रिश्तेदारों तक पहुंच गई। आजकल इसका बेस्ट उदाहरण टीवी सीरियल्स में देखने को मिलता है। हर एक टीवी शो में एक ऐसी महिला होती है जो घर की छोटी से छोटी बात को भी बढ़ा-चढ़ाकर सभी रिश्तेदारों तक पहुंचाती है।
युधिष्ठिर ने दिया था शाप

जब यह बात उनके पांडव पुत्रों को पता चली तो उनके ज्ये्ष्ठ पुत्र युधिष्ठिर ने उन्हेंआ शाप दे दिया, “आपने यह बात छुपाकर रखी, इसलिए मैं आपको शाप देता हूं कि आज के बाद आप क्या दुनिया की कोई भी स्त्रीक अपने पेट में बात पचाकर नहीं रख पाएगी। वह सत्य् को उगल ही देगी।“ जो लोग शास्त्रीय बातों पर विश्वास रखते हैं उनका ऐसा कहना है कि आज भी स्त्रियां धर्मराज युधिष्ठिर के ही इस शाप को भुगत रही हैं। लेकिन यदि आपको इन बातों पर विश्वास नहीं भी होता, तो हम आपको स्त्री के स्वभाव के कुछ लक्षण बता सकते हैं जिन्हें जानने के बाद वाकई आप यह कहेंगे कि स्त्रियां होती ही ऐसी हैं..

  किसी खूफिया जासूस से कम नहीं

आप ऐसी महिलाओं को घर की खूफिया जासूस भी कह सकते हैं। लेकिन ऐसी जासूस केवल टीवी सीरियल में नहीं, बल्कि हमारे आसपास भी होती हैं। अमूमन दस में से नौ महिलाएं तो ऐसी होती ही हैं जिनके पेट में कोई बात पचती नहीं है। समय आते वह किसी ना किसी से बातें शेयर कर ही देती हैं। और कई बार गलत इंसान से बातें शेयर करना उन्हें ही भारी पड़ जाता है। वैसे यह आज से नहीं, सदियों से ही चला आ रहा स्वभाव है।
पौराणिक ग्रंथों में भी स्त्री के इस व्यवहार पर एक कथा वर्णित है, जिसके अनुसार पांच पाडवों की माता कुंती को पता था कि कर्ण उनका पुत्र है लेकिन उन्हों ने यह सत्यग सभी से छुपाए रखा। लेकिन जब उन्होंने अपने पुत्र को युद्ध भूमि में जीवन की अंतिम सांसें लेते हुए देखा तो वह खुद की भावनाओं पर काबू ना पा सकीं और सभी को बता डाला कि कर्ण उनके पुत्र हैं जो विवाह से पहले उन्हें सूर्य देव के आह्वान से मिले थे।

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