विश्व योग दिवस पर निबंध Vishwa yoga diwas international image status pic 2019 - Top.HowFN

विश्व योग दिवस पर निबंध Vishwa yoga diwas international image status pic 2019

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दोस्तों कल यानी 21 जून 2019 को world yoga day के रूप में पूरे देश में योगा दिवस मनाया जाता है अब तो पूरी दुनिया भर के लोग इस योग दिवस की उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं योग करना आज हमारे हर दिन की जरूरत बन गई है लेकिन 21 जून को ही ऐसा क्या खास है कि इस दिन हम इंटरनेशनल योगा डे मनाते हैं इसकी कुछ विशेष बजे हैं जो मैं आपको बताने वाला हूं तो ध्यान से सुने

History of international yoga day


संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई थी इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए योग दिवस के ऊपर महत्वपूर्ण चर्चा की थी इसके बाद 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे दुनिया भर में मनाया जाता है

Vishwa yoga diwas विश्व योग दिवस थीम 2019

  • 2015: सद्भाव और शांति के लिए योग 
  • 2016: युवाओं को कनेक्ट करें
  • 2017: स्वास्थ्य के लिए योग 
  • 2018: शांति के लिए योग
  • 2019: योगा फॉर हार्ट Yoga for Heart


 21 जून को ही क्यों मनाते हैं योग दिवस वजह


भारत के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी ने 2014 में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपने भाषण के दौरान कहा था कि वह 21 जून है यह वह तारीख है जब उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है इसको दुनिया के कई हिस्सों में खास महत्व मनाया जाता है इसलिए क्यों ना इस दिन योगा दिवस मनाया जाए

आपको हम यह भी बताना चाहेंगे कि 21 जून ग्रीष्मकालीन शंकर आती का दिन भी होता है इस दिन ही उत्तरी गोलार्ध में किसी ग्रह के अक्ष का झुकाव उस तारे की ओर भी सबसे ज्यादा होता है जिसकी वजह से परिक्रमा करता है हमारे मामले में यह पृथ्वी और सूर्य पर लागू होता है इसके अलावा आपको यह भी बताना चाहेंगे कि 21 जून को ही वर्ष का सबसे लंबा दिन भी माना जाता है

क्योंकि सूर्य जल्दी उठता है और सबसे देर से यह सूर्यास्त भी होता है भारत की पूर्ण कथा में भी इस दिन को खास दिन माना गया है इससे एक ऐसी घटनाएं जुड़ी मानी जाती है जिससे योगिक विज्ञान की शुरुआत भी हुई थी आपको यह भी बताना चाहेंगे कि पौराणिक कथा के अनुसार 7 लोग आती योगी के पास आत्मज्ञान के लिए गए थे लेकिन वे अपने शरीर में उपस्थित नहीं थे इसलिए वे चले गए फिर यह लोग सिर्फ के पास गए और आदि युगों से सीखने की जिद पर अड़े रहे लेकिन

 भगवान शिव ने यह कहकर मना कर दिया था कि इसके लिए लंबी तैयारी करनी चाहिए उसके बाद वहां से वह 7 लोगों ने फिर 84 साल की साधना की तब किया इसके बाद सिर्फ का उन पर ध्यान आया और यह ग्रीष्मकालीन सक्रांति का ही दिन था उसके बाद 28 दिनों के बाद अगली पूर्णिमा पर आदि योगी ने खुद को आदि गुरु में बदल दिया और अपने शिष्यों को योग विज्ञान सिखाया जिसे हम योगा कहते हैं

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