नोटबंदी के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्‍लैक मनी से खरीदी गई प्रॉपर्टी पर नजर है ब्‍लैक मनी यानी बेनामी property  के खिलाफ मोदी सरकार कभी भी बड़ा एक्‍शन ले सकते हैं। इस एक्‍शन का शिकार कई बड़े लोग हो सकते हैं, लेकिन आप भी इसकी जद में आ सकते हैं। हो सकता है कि आपको इस बात का आभास भी न हो कि आपके पास भी बेनामी प्रॉपर्टी है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप यहां पता लगा सकते हैं कि आपके पास कोई बेनामी प्रॉपर्टी तो नहीं है। इससे पहले आपको यह भी बताएंगे कि क्‍या है बेनामी प्रॉपर्टी और उसके खिलाफ मोदी सरकार का एक्‍शन। साथ ही, आपको यह जानकारी भी देंगे कि कैसे आप इसे लीगल कर सकते हैं।

  क्‍या है बेनामी प्रॉपर्टी सबसे पहले यह जान लें कि बेनामी प्रॉपर्टी किसे कहते हैं। बेनामी प्रॉपर्टी से मतलब, प्रॉपर्टी खरीदते वक्‍त लेनदेन उस शख्स के नाम पर नहीं होता, जिसने इस प्रॉपर्टी की कीमत चुकाई है, बल्कि यह किसी दूसरे व्‍यक्ति के नाम पर होता है। ऐसी प्रॉपर्टी पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी जाती है। इतना ही नहीं, कई लोग अपने नौकरों, दोस्‍तों के नाम पर भी ऐसी प्रॉपर्टी खरीदते हैं। ऐसी प्रॉपर्टी जिस व्‍यक्ति के नाम खरीदी जाती है, उसे बेनामदार कहा जाता है।

- यदि आपने अपने बेटे या बेटी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है, लेकिन उसे आपने अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न में डिक्‍लेयर इनकम का हिस्‍सा नहीं दिखाया है तो उसे आपकी बेनामी प्रॉपर्टी माना जाएगा।
 - इतना ही नहीं, यदि आपके पास कोई ज्‍वाइंट प्रॉपर्टी है। मतलब, एक प्रॉपर्टी, जिसमें आपका नाम तो है, लेकिन आपने इस खर्च का जिक्र अपने इनकम टैक्‍स रिटर्न में नहीं किया है तो उसे भी बेनामी मान लिया जाएगा।

ये तीन चीजें करें चेक अगर आपके पास प्रॉपर्टी है तो आपके लिए तीन बातें जानना जरूरी है। ताकि सरकार आपकी प्रॉपर्टी को बेनामी घोषित कर सकें।
1. आप अपनी प्रॉपर्टी के पेपर्स चेक कर लें। प्रॉपर्टी किस के नाम पर है। यदि आपके परिजनों के नाम पर है तो यह अवश्‍य देख लें कि जिस कीमत पर रजिस्‍ट्री हुई थी
2. प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के वक्‍त आपने यह प्रॉपर्टी अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न में डिक्‍लेयर की थी या नहीं।
3. परिवार के जिस सदस्‍य के नाम पर खरीदी गई थी, उसकी इनकम टैक्‍स रिटर्न भरी जाती है या नहीं। यदि भरी जाती है तो प्रॉपर्टी की कीमत का एक हिस्‍सा उसके आईटीआर में डिक्‍लेयर किया गया है या नहीं।

मोदी सरकार कर सकती है क्‍या कार्रवाई बेनामी लेन-देन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने पहले बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन (प्रोहिबिशन) एक्‍ट – 1988 में मोदी सरकार ने संशोधन किया । एक्‍ट में प्रावधान किया गया है कि सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी को लगता है कि आपके कब्‍जे की प्रॉपर्टी बेनामी है तो वह आपको नोटिस जारी कर आपसे प्रॉपर्टी के कागजात तलब कर सकता है। इस नोटिस के तहत आपको 90 दिन के भीतर अपनी प्रॉपर्टी के कागजात अधिकारी को दिखाने होंगे।

- नए कानून के तहत बेनामी लेनदेन करने पर तीन से सात साल की कठोर कैद की सजा और प्रॉपर्टी की बाजार कीमत पर 25 फीसदी जुर्माने का प्रावधान है। ये दोनों सजा साथ-साथ दी जा सकती है। - जो लोग जानबूझकर गलत सूचना देते हैं उन पर प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य का 10 फीसदी तक जुर्माना और 6 माह से लेकर 5 साल तक का जुर्माने का प्रावधान है। ये दोनों सजा साथ-साथ दी जा सकती है।

- यदि आप साबित नहीं कर पाते हैं कि यह प्रॉपर्टी आपकी है तो सरकार उसे जब्‍त भी कर सकती है।

कैसे करें लीगल आपको यदि पता चल चुका है कि आपकी प्रॉपर्टी बेनामी साबित हो सकती है तो भी आप कुछ ऐहतियात बरत कर इसे लीगल करा सकते हैं। मान लीजिए कि यदि आपने दो साल के दौरान कोई प्रॉपर्टी खरीदी, लेकिन उसक डिक्‍लेयर नहीं किया गया तो हम आपको बताते हैं कि कैसे आप उस प्रॉपर्टी को लीगल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप अपने पिता के नाम से टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं। एक्‍ट में यह प्रावधान है कि आप दो साल की इनकम टैक्‍स रिटर्न एक साथ भर सकते हैं।

यदि आपके पास कोई एग्रीकल्‍चर लैंड है और खेती-बाड़ी करने से आपको आमदनी होती है तो आप अपने पिता के नाम से उसको डिक्‍लेयर करके इनकम टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं। यदि आपको किसी प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम होती है तो आप उसे अपने परिजनों के नाम पर शो कर आईटीआर भर सकते हैं।

 इसके अलावा आप अपनी रिवाइज्‍ड इनकम टैक्‍स रिटर्न भर सकते हैं, जिसमें आप दिखा सकते हैं कि आपने अपनी अपनी पत्‍नी, बच्‍चों या माता-पिता को प्रॉपर्टी गिफ्ट की है। हालांकि इसके लिए आपको अपना सोर्स ऑफ इनकम बताना होगा।

check que?.ans

इस कमेंट्स बॉक्स में आपके मन में कोई सवाल हो तो पूछे उचित जवाब देने का हमारा प्रयास रहेगा..