News kolkata- पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के एक आदेश से सूबे की राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी के फरमान के मुताबिक पश्चिम बंगाल में मोहर्रम के जुलूसों के दौरान दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन पर रोक रहेगी। लेकिन ममता का यह आदेश आते ही इस पर विवाद भी शुरू हो गया है।

mamta banerjee news hindi - दरअसल ममता बनर्जी ने मुहर्रम के जुलूस के चलते विजयादशमी पर, शाम 6 बजे के बाद मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी है। यानी विजयदशमी के दिन शाम 6 बजे तक ही मूर्ति विसर्जित किए जाएंगे। इस रोक के बाद श्रद्धालुओं को मूर्ति वसिर्जन के लिए 2 अक्टूबर तक का इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि 30 सितंबर को शाम 6 बजे के बाद मोहर्रम के जुलूस निकाले जाएंगे।

कोलकाता में दुर्गा पूजा आयोजकों के साथ बैठक के बाद ममता बनर्जी ने खुद अपने इस फैसले की जानकारी दी। ममता बनर्जी के मुताबिक अगर ये दोनों चीजें एक साथ होंगी, तो मुश्किलें खड़ी हो सकती है। लोगों से सहयोग की अपील करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाना चाहेंगे और अपने हित के लिए हिन्दू और मुसलमानों को हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे।

उधर सरकार के इस आदेश से बीजेपी बिफरी हुई है। फैसले पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा और वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं बीजेपी ने इस मुद्दे को कोर्ट तक ले जाने की धमकी भी दी है।

हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब ममता सरकार ने इस तरह का फैसला लिया हो। पिछले साल भी राज्य सरकार ने मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया था। जिसके चलते विजय दशमी मुहर्रम से एक दिन पहले मनाया गया था। ममता के इस फैसले के खिलाफ कोलकाता हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने न सिर्फ सरकार को फटकार लगाई थी, बल्कि आदेश को ‘मनमाना’ और एक खास समुदाय को खुश करने वाला बताया था।

पिछले साल कोर्ट में हुई किरकिरी को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी ने एक बार फिर ‘मनमाना’ आदेश जारी किया है, जिस पर आने वाले दिनों में सूबे की सियासत गरमा सकती है।

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