ख़ुशी यह है... अचानक कोई खोई हुई चीज मिल जाना. बारिश में भीगना. ग्राउंड फ्लोर पर ही लिफ्ट का मौजूद रहना. बच्चे का छूकर सुबह आपको उठाना. अकेले में यु ही डांस करना. किताब को पढ़ते हुए ख्यालो में खो जाना. भरी बस में किसी को अपनी सीट दे देना. अकेले में बैठकर बीते दिनों की तस्वीर देखना, ये ख़ुशी ही तो है, जो हमारे जीवन को सार्थक करती है. बच्चे का अचानक मुस्कुरा देना. अचानक दौड़कर लिफ्ट जाना. बरसो बाद अचानक पुराने दोस्त का घर आ जाना. जो पसंद हो, वही करने को मिल जाना. यकायक किसी का ठठाकर हंस देना. अचानक आँख लग जाना. यह खुशी ही तो है, जो कई रूपो में हमारे इर्द-गिर्द है. ख़ुशी की शर्त ही यही है कि वह आपको बाहर नही मिलेगा, खुद में ही ढुढनी पड़ेगी.
ऐसी भी मिलती हे खुशियाँ

1. रोमांचक मैच में आखिरी बॉल पर जीत जाना.

2. पहली बार में किसी रेसिपी के प्रयोग से अच्छी डिश बन जाना.

3. जॉब लगने के बाद पहली सैलरी का मिलना. 

4. बालकनी में किसी सुंदर चिड़िया का अचानक आकर बैठ जाना.

5. पहले प्रयास में कोई अच्छी पेंटिंग बन जाना.

6. चलती गाड़ी से सिर बाहर निकालकर ठंडी हवा का मजा लेना. 

7. घर में खुद के हाथों लगाए गए पौधे पर पहले फूल का आना.


8. जब आप बाहर निकले और कोई कॉम्प्लिमेंट दे दे.

9. बिना किसी कारण बच्चे का आते ही लिपट जाना.

10. किसी चीज को ढूढते वक़्त बचपन की कोई चीज अचानक मिल जाना.

11. बच्चो को नए खेल सिखाने के लिए खुद बच्चा बन जाना.

12. किसी बिगड़ी हुई वस्तु को अपने हाथों ठीक कर देना.

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