सिगरेट पीना / धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक है । धूम्रपान से घातक कैंसर और अन्य बहुत से रोग होने की सम्भावना बहुत ही ज्यादा होती है। तंबाकू में चार हजार और सिगरेट में 40 से ज्यादा नुकसानदायक रसायन होते हैं जो कैंसर की वजह बनते हैं। इससे फेफड़ों का, मुँह का कैंसर होता है। धूम्रपान से हृदय रोग, मोतियाबिंद, बहरापन, पेट वा हड्डियों के रोग, चेहरे में असमय झुर्रियां आदि गंभीर समस्याएँ होती है । धूम्रपान करने से रक्‍त का प्रवाह भी धीमा हो जाता है। जिसके कारण व्यक्ति को शारीरिक संबंध बनाने में समस्या होती है। अर्थात धूम्रपान के कारण नपुंसकता का भी खतरा बड़ जाता है ।

एक अनुमान के अनुसार विश्व में हर वर्ष लगभग 60 लाख लोग धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन करने से मरते हैं। रोजाना 20 से अधिक सिगरेट पीने वालों को हार्ट अटैक का खतरा 10 गुना, 10 से 20 सिगरेट पीने को हार्ट अटैक का खतरा 5 गुना और 5 से कम सिगरेट पीने से यह खतरा 3 गुना तक बढ़ जाता है। एक अनुमान के अनुसार एक सिगरेट भी हमारी जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते है। इससे ना केवल सेवन करने वाला वरन उसका पूरा परिवार भी इसके दुष्प्रभावो से प्रभावित होता है । तमाम खतरों तमाम चेतावनियों के बाद भी लोग इसकी लत नहीं छोड़ पाते है, धूम्रपान करने वाला डिब्‍बी से सिगरेट निकालते वक्‍त जब उस पर बने चेतावनी के चित्र को देखता है तो उसके मन में सिगरेट छोड़ने का जरूर विचार आता होगा लेकिन उसके बाद उसकी लत उसके विचार पर भारी पड़ जाती है। जी हाँ धूम्रपान की आदत छोड़ना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है जिससे निपटने के लिए व्यक्ति में दृढ़ इच्छा शक्ति और मजबूत योजना होनी चाहिए । वैसे अनेक तरीके हैं जिनके द्वारा धूम्रपान को छोड़ा जा सकता हैं। यहाँ पर हम ऐसे ही कुछ तरीके बता रहे है जिसको अपनाकर निश्चय ही धूम्रपान को छोड़ा जा सकता है ।

किसी आयुर्वेदिक दवाई बेचने वाले या पंसारी की दुकान से मुलेठी के कुछ टुकड़े ले आये। फिर जब भी सिगरेट पीने की इच्छा करे तो इसको चबाये या चूसे । इससे कुछ समय तक सिगरेट पीने का मन नहीं करेगा । यह एक बहुत ही सस्ता और कारगर तरीका है।

धूम्रपान छोड़ने के लिए आप निकोटिन चुइंगम का भी प्रयोग कर सकते है । जब भी किसी व्यक्ति को सिगरेट पीने की इच्छा हो तो इसकी एक चुइंगम दातों और गालो के बीच में रख,लें और आराम आराम से चबाये, धीरे,धीरे चुइंगगम की मात्रा कम करतें जाएँ, इस प्रकार धीरे,धीरे आपका सिगरेट,और गुटके का सेवन बंद हो जायगा ।

विज्ञान की रिसर्च कहती है की कोई आदमी नशा तब करता है जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है इससे उसको बार-बार नशे की तलब लगती है। इस सल्फर की कमी को अदरक से पूरा किया जा सकता है ।

अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके उस मे नींबू निचोड़ कर थोड़ा सा काला नमक मिलाके उसको धूप मे सुखा लीजिये । सुखाने के बाद इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लीजिये अब जब भी आपका दिल बीड़ी, सिगरेट, गुटका, तंबाकू आदि का सेवन के लिए मचले तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकाल कर उसे चूसना शुरू कर दीजिये । जैसे ही इसका रस आपके शरीर में जायगा तो आपका किसी भी नशे का मन नहीं करेगा ।

आप किसी भी होमियोपैथिक की दुकान मे जाकर सल्फर नाम की दवा ले आएं । यह बहुत ही सस्ती होती है जो Dilution के नाम से भी आती है । उस दवा की एक बूंद सुबह सुबह खाली पेट जीभ पर डाल लें ! फिर अगले दो तीन दिनों तक रोजाना एक एक बूंद डाल लीजिये । 3 - 4 दिनों में ही रिज़ल्ट सामने आने लगेगा । इसके बाद इसे हफ्ते में 2 -3 बार लेते रहे दो महीने में बड़े से बड़ा नशेड़ी भी सिगरेट, शराब आदि के नशे से तौबा करने लगेगा ।

जब भी आपकी सिगरेट पीने की इच्छा हो तब आप जीभ के उपर थोडा सा नमक रख लें, इससे सिगरेट पीने की इच्छा समाप्त हो जाएगी।

सिगरेट पीने कि तलब को समाप्त करने के लिए बिना शुगर की च्युइंगम मुंह में डाल कर घंटों चबाते रहिये और अपने आपको किसी ना किसी कार्यों में व्यस्त रखें, क्योंकि खाली समय में ही व्यक्ति को को सिगरेट पीने कि तलब होती है।

इसके अतिरिक्त शारीरिक गतिविधियाँ तेज करने से भी नशा करने की इच्छा कम हो जाती हैं। इसलिए जब भी आपकी सिगरेट पीने की इच्छा हो तब आप हल्की फुल्की कसरत करें, थोड़ा जागिंग करें, सीढ़ियां चढ़े इससे भी आपकी नशा करने की इच्छा रुक जाएगी ।

सिगरेट छोड़ने में बेकिंग सोडा बहुत कारगर सिद्ध होता है। आधा चम्मच बेकिंग सोड़ा को दिन में तीन बार लें। बेकिंग सोड़ा लेने से शरीर में उपस्थित निकोटिन मूत्र द्वारा कम मात्रा में शरीर से बाहर निकलता है। इसके कारण निकोटिन लेने की इच्छा कम हो जाती है। बेकिंग सोडा को आप भोजन के पश्चात भी पी सकते है।

सिगरेट / गुटका / तंबाकू /,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे फास्फोरस तत्व की कमी होती है उसके लिए आप PHOSPHORUS 200 का प्रयोग करे ये इन सभी घातक नशे की लत को अवश्य ही छुड़ा देगा ।

विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे संतरा, नीबू, आवंला और अमरुद का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। इनकी अधिक मात्रा लेने से धूम्रपान की इच्छा कम हो जाती है।

बड़ी सौफ को घी में भुनकर चबाइये इससे भी सिगरेट से नफरत होने लगती है।

गाजर का सेवन अधिक से अधिक करिये। मुंह में लौंग, इलायची, आदि वस्तुओं को भी रखने से सिगरेट की तलब कम होती है।

100 ग्राम अजवाइन के साथ 100 ग्राम मोटी सौंफ और 60 ग्राम काला नमक बारीक करके पीस कर उसमें दो तीन नींबू का रस निचोड़ कर अच्‍छी तरह से मिक्स कर लें । इसे 8 10 घंटे तक ऐसे ही रहने दें उसके बाद इसे तवे पर धीमी आंच पर भूनकर एक डिब्बे में रख दें। अब इसे दिन में 4 -5 बार या जब भी नशे की तलब हो सेवन करें । आपका धूम्रपान / गुटका आदि नशा करने का बिलकुल भी मन नहीं करेगा ।

अपने पास रखी सिगरेट को तोड़ना शुरू करें । घर, आफिस सभी जगह से सिगरेट हटा दें । अपने पास लाइटर, माचिस आदि भी रखना छोड़ दें।

सिगरेट से छुटकारा पाने के लिए यह आवश्यक है कि आप टी वी और इंटरनेट पर ज्यादा समय ना दें ।

इन सारे उपायों के बावजूद भी धूम्रपान छोड़ने के लिए आपमें इच्छा शक्ति अवश्य ही होनी चाहिए। दृढ़ सकल्प शक्ति से ही आप धूम्रपान / तम्बाकू उत्पादों की लत से छुटकारा पा सकते हैं। आप अपने मन में सकल्प लें कि मैं इस लत को अवश्य छोड़ सकता हूं। विश्वास करें की आप इसे आसानी से छोड़ पाएंगे । आखिर यह आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य और आपके परिवार की खुशियों से ज्यादा जरुरी थोड़ी है ।

नशे का सेवन करने से पहले यह जरूर सोचिये आप के लिए नशा जरुरी है या आपके माता-पिता , भाई-बहन, पत्नी-बच्चे। सोचिये अगर आपको कुछ हो गया ( नशा करेंगे तो जरूर ही बुरा होना है चाहे आप कितने ही सेहतमंद क्यों ना हो ) तो आपके पीछे उन सबका क्या होगा ।

ध्यान दीजिये जीवन बहुत ही अमूल्य है और बड़ी ही किस्मत से मिलता है इसे यूँ ही ना बर्बाद कीजिये । धूम्रपान / तम्बाकू के सेवन का अर्थ है अपने और अपने परिवार को तिल तिल करके मारना । अपने किसी भी परिजन से पूछिये कि यदि आपको नशे के कारण कुछ हो जाता है तो उन पर क्या बीतेगी । अब केवल और केवल यही सोचिये कि आप जीवन भर इस नशे , अपने और अपने परिवार की खुशियों की मौत को कभी भी हाथ नहीं लगाएंगे ।

वैसे माना जाता है कि किसी भी नशे की आदत को छोड़ने के लिए आप गुरुवार का चयन करें क्योंकि गुरुवार को पवित्र दिन माना गया है और इस दिन नशा छोड़ते वक्त आपमें संकल्प की भावना अधिक होती है । इसीलिए गुरुवार को किसी भी बुरी आदत को छोड़ने का, संकल्प करने का दिन माना गया है।

check que?.ans

इस कमेंट्स बॉक्स में आपके मन में कोई सवाल हो तो पूछे उचित जवाब देने का हमारा प्रयास रहेगा..