बवासीर मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण विकसित होता है. बवासीर दो प्रकार की होती है,खूनी बवासीर और बादी वाली बवासीर,खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है,और उनसे खून गिरता है,जबकि बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खाज पीडा और सूजन होती है. बवासीर बेहद तकलीफदेह होती है. देर तक कुर्सी पर बैठना और बिना किसी शेड्यूल के कुछ भी खा लेना इसका प्रमुख कारण है. हम आपको यहाँ पर कुछ घरेलू नुस्‍खों के बारे में बताते हैं जिससे बवासीर और इससे होने वाले दर्द में राहत मिल सकती है.


Babaseer Thik Karne Ke Ghrelu Upaay
* नारियल की जटा को माचिस से जला दीजिए फिर उस भस्म से बिना जले हुए रेशो को अलग निकालकर साफ भस्म को किसी शीशी में रख लें. फिर इसमें से 3 ग्राम भस्म एक गिलास छाछ या एक कटोरी दही के साथ सुबह खाली पेट सेवन करें और उसके लगभग 2 घंटे तक कुछ भी ना खाएं. फिर इसे दोपहर में खाना खाने के दो घंटे बाद और रात को बहुत हल्का खाने के 2 घंटे बाद अर्थात केवल एक ही दिन, दिन में तीन बार लेना है और लेने के बाद फिर 2 घंटे तक कुछ भी ना लें. इस बात का ख्याल रखे की दही या छाछ ताजी हो, दही कई दिन पुरानी और खट्टी न हो. इस प्रयोग से कैसी और पुरानी से पुरानी बवासीर की बीमारी भी अति शीघ्र ठीक हो जाती है. यह ध्यान दें कि उस दिन बहुत ही हल्का और बिना नमक का ही भोजन करें और इसको जल्दी ही पुन: ना दोहराएं.

* एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकडे कर लें फिर उस पर कत्था पीसकर छिडक दें, इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें,सुबह को उस केले को शौच करने के बाद खालें. एक हफ़्ते तक लगातार इसको करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती है.

* खूनी बवासीर में एक नींबू को बीच में से काटकर उसमें लगभग 4-5 ग्राम कत्‍था पीसकर डाल दीजिए. इन दोनों टुकड़ों को रात में छत पर खुला रख दीजिए. सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद इन दोनों टुकड़ों को चूस लीजिए. पांच दिन तक इस प्रयोग को कीजिए। बहुत फायदा होता है.

* करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा सा सेंधा नमक जरुर मिला दें. पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा ही पियें. चार-पाँच दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से काफी ठीक हो जायेंगे.

* छोटी पिप्पली को पीस कर उसका चूर्ण बना ले, इसे शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है.

* नीम के छिलके सहित निंबौरी के पावडर को प्रतिदिन 10 ग्राम मात्रा में रोज सुबह बासी पानी के साथ सेवन करें, लाभ होगा। लेकिन इसके साथ आहार में घी का सेवन आवश्यक है.

*जीरे को पीसकर मस्‍सों पर लगाने से भी फायदा मिलता है, साथ ही जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से भी फायदा मिलता है.

* बवासीर की समस्‍या होने पर आंवले के चूर्ण को सुबह-शाम शहद के साथ लेने से भी जल्दी ही फायदा होता है.

* एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने से भी बवासीर में लाभ प्राप्त होता है.

* नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और 4- 5 बूँद रोज़ पीने से बवासीर में बहुत लाभ होता है.

* एक चाय का चम्मच धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ लेने से भी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।

* 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। प्रतिदिन सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

* नियमित रुप से गुड के साथ हरड खाने से भी बवासीर में जल्दी ही फ़ायदा होता है।

* नागकेशर, मिश्री और ताजा मक्खन इन तीनो को रोजाना बराबर मिलाकर 10 दिन खाने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

* जमीकंद को देसी घी में बिना मसाले के भुरता बनाकर खाएँ शीघ्र ही लाभ मिलेगा।

* सुबह खाली पेट मूली का नियमित सेवन भी बवासीर को खत्म कर देता है।

* बवासीर की समस्या होने पर तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें।



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  1. Hello sir
    Main aapke site guest post karnaa chahtaaa hu....but main jaanna chahtaa hu guest post karne ke rule kya hai..?
    aur guest guestpost karne par kyaa kyaaaap meri website kaaname apni apni website par daalenge

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