बहुत सारे लोग यह समझते हे की आज के दोर में मानव जीवन में अनगिनत दुःख हे ! इसलिए लोग जीवन से परेशान हे ! अगर किसी व्यक्ति से पूछा जाए की वो आखिरी बार कब हंसा था तो वो सोच में पड़ जाता हे और मुश्किल से 3-4 ऐसे मोके बता पाता हे जब वो खुश था लेकिन अगर उस से यह पूछा जाए की वे बहुत ज्यादा दुखी कब थे तो वे अनगिनत ऐसे मोके बता देंगे जब वे दुखी थे ! क्या यही सच हे ? क्या मानव जीवन में बहुत सारे दुःख और 3-4 खुशियाँ ही हे ! या सच कुछ और हे ?? अगर हम अपने अंतर्मन में देखे तो इस रहस्य से पर्दा उठ जाता हे ! जीवन हमें ख़ुशी और गम महसूस करने के कही मोके देता हे लेकिन हमारी मानसिक प्रवृति ही ऐसी हे की हम दुःख को गले लगा देते हे और ख़ुशी से दूर भागते हे ! हम अक्सर यह सोचते हे की जब कोई बड़ा मोका, उत्सव आएगा तो ख़ुशी मन लेंगे और कही सालों तक इसी बड़े मोके और उत्सव के इन्तजार में बेठे रहते हे ! और उन्हें जीवन एक बोझ लगने लगता हे ! वो यह भूल जाते हे की हर दिन में हजारों खुशिया हे जिन्हें वो अनदेखा कर जाते हें ! अगर हम अपनी सोच को बदल दे तो हमें अपार आनंद मिल सकता हे और हम हमेशा खुश रह सकते हे !
हम अपनी सोच को कैसे बदले

सबसे पहले तो हमें यह समझना होगा की ख़ुशी जीवन की परिस्थितियों पर निर्भर नहीं हें ! सुख और दुःख जीवन में धुप और छावं की तरह आते जाते रहते हे ! हम चाह कर भी परिस्थितियों को बदल नहीं सकते हें ! लेकिन हम अपने मन के विचारों को तो बदल सकते हे ! हम चाहे तो सारे दुखो से उपर उठ सकते हे ! अगर हम अपनी सोच को Positive बनाएं, अपने गुणों का स्मरण करे, दूसरों की अच्छाइयों को खोजे और पुरे विश्व में इश्वर की चेतना को महसूस करे ! यह मान के चले की सब अच्छा हो रहा हे और अच्छा ही होगा ! अगर हम यह सब महसूस करने लगे तो सारे दुःख अपने आप खत्म हो जायेंगे ! दूसरी और हमें यह समझने की भी जरूरत हे की हमारी सारी मनोकामनाएं पूरी नहीं होगी ! अक्सर यही होता हे की लोग किसी एक इच्छा के पूरा ना होने पर जीवन भर उसका दुःख मनाते हें ! लेकिन उनकी जो इच्छाएं पूरी हो जाती हे उनका क्या उनका तो हम मूल्य तक नहीं समझते ! इसलिए खुश रहने के लिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए की हमें हर रोज़ कितना कुछ मिल रहा हे यह नहीं देखे की क्या मिल रहा हे ! हमेशा भगवान को धन्यवाद दे की उसने आपको इतना हसीन जीवन दिया और जीने के लिए तेयार किया तथा जीवन जीने के साधन उपलब्ध कराएं ! ऐसे कही लोग होंगे जिसने आपको सहारा दिया, आपको प्रेरणा दी क्या यह सारी बाते खुश रहने के लिए काफी नहीं हे ! तो क्यों हम एक-दो इच्छाओं के पूरा ना होने पर दुःख मनाते हें ?? एक समझदार व्यक्ति कभी ऐसा नहीं करना चाहेगा ! इसलिए आज से हमको अपनी सोच को बदलना होगा ! जब भी हमारा मन दुखी होगा हम अपने मन को समजायेंगे की मायूस ना हो, क्योकि उसके पास कही सारी छोटी-छोटी खुशियाँ हे !

हेरिएट स्टोव ने सच ही कहा हे की :-
“जब आप मुश्किलों में फंस जाते हे और लगे की हर चीज आपके खिलाफ जा रही हे ! तब पीछे मत लोटना, क्योकि यही वो वक्त हे जब परिस्थितियां बेहतरी की दिशा में मुड़ने वाली हे !”

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