एक बार दो बच्चे थे एक 10 साल का और एक 6 साल का ! दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे साथ में खेलते, पड़ते, हंसते, रोते, गाते या यु कहो कृष्ण-सुदामा जेसी जोड़ी थी ! एक बार वे गाँव से बहुत दूर निकल गए ! जाते जाते उसमे से जो लड़का बड़ा था, जिसकी उम्र 10 साल की थी वो एक कुंए में गिर गया और जोर जोर से चीखने-चिल्लाने लगा क्योकि उसे तेरना नहीं आता था ! अब जो दूसरा बच्चा था जिसकी उम्र 6 साल थी वो इधर-उधर देखने लगा ! लेकिन दूर-दूर तक कोई नहीं था जिसे वो मदद के लिए बुला सके ! और फिर उसकी नजर पड़ी एक बाल्टी पे जिसपे एक रस्सी बंधी हुयी थी ! उसने तुरंत उस बाल्टी को उठाया और कुंए में डाल दी और उस दोस्त से कहा की इसे पकड़ लो ! वो अपनी पूरी ताकत से उस रस्सी को खींचने लगा और पूरी जान लगा दी उस छोटे से बच्चे ने ! वो उस रस्सी को तब तक खींचता रहा जब तक की उसने अपने दोस्त को बचा नहीं लिया ! जब उसका दोस्त बाहर आया तो उसने उसे गले लगया लिया लेकिन दोनों को एक डर था की
अब गाँव जायेंगे तो बहुत पिटाई होगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जब वो गाँव गए और परिवार वालो और गाँव वालो को यह बात बताई तो किसी ने यकीन नहीं किया उनकी बात भी सही थी क्योकि उस बच्चे में इतनी ताकत भी नहीं थी की वो एक पानी से भरी हुयी बाल्टी को उठा ले तो एक 10 साल के बच्चे को उठाना तो बहुत बड़ी बात हे लेकिन एक आदमी था उस गाँव में जिसने विश्वास कर लिया उसे सब रहीम चाचा कहते थे और वो गाँव का सबसे समजदार इंसान थे

  लोगो को उन पे विश्वास था की यह कभी जूठ नहीं बोलते हे अगर यह कह रहे हे तो कुछ ना कुछ बात होगी और कोई ना कोई वजह होगी जिसकी वजह से यह ऐसा कह रहे हे ! और वो सारे गाँव वाले उनके पास गए और कहा की हमें तो समज नहीं आया लेकिन आप ही बता दो की ऐसा केसे हो सकता हे ! तब रहीम चाचा ने जो बात कही वो बहुत ही बड़ी बात थी और दिल को छु’ने वाली बात थी ! उन्होंने कहा सवाल यह नहीं हे की वो छोटा सा बच्चा यह केसे कर पाया सवाल यह हे की वो क्यू कर पाया ! उसमे इतनी ताकत कहा से आई और इसका सिर्फ एक जवाब हे की जिस वक्त उस बच्चे ने यह किया उस टाइम पे, उस जगह पे दूर-दूर तक कोई यह कहने वाला नहीं था की तू यह नहीं कर सकता और यंहा तक की वो खुद भी नहीं ! हमारी जिंदगी में भी अक्सर ही ऐसा होता हे हम कोई भी काम करना चाहते हे तो समाज वाले, लोग, रिश्तेदार यह सब पहले ही कह देते हे की तू यह नहीं कर सकता हे, तेरे बस की बात नहीं हे ! और वो हमें demotivet कर देते हे और हमे लगता हे की हम सच में यह नहीं कर सकते

हम सब के अंदर एक ऐसी hidden(छुपी शाक्ति) पॉवर होती हे जो हमें यह अहसास दिलाती हे की हम सब कुछ कर सकते हे ! इसलिए सिर्फ और सिर्फ अपने दिल की सुने क्योकि इस दुनिया में कुछ असम्भव नहीं हे ! सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग इस युक्ति को भूलना होगा तभी हम सफल हो सकते हे ! आप वो सब कर सकते हे जो आप सोच सकते हे इसलिए हमेशा पॉजिटिव सोचे और पॉजिटिव रहे !

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