विराट को मौजूदा दौर में तकनीकी रूप से सबसे मजबूत बल्लेबाज माना जाता है. लेकिन बल्लेबाजी की परिभाषा बदलने वाले विराट को ये मुकाम हासिल करने के लिए खुद को काफी बदलना पड़ा.

मैदान में हमेशा फिट नजर आने वाले विराट को अपनी फिटनैस पाने के लिए खुद के पसंद के खाने से भी समझौता करना पड़ा. क्रिकेटिंग करियर के शुरूआत में विराट को नॉनवेज खाने का बेहद शौक था पर जब उनका सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ तो क्रिकेट को अपनी दुनिया मानने वाले विराट ने खुद को तेल से बने व्यंजनों और मीठे से दूर कर लिया. अब वह सिर्फ उबला और ग्रिल किया हुआ खाना ही खाते हैं
 विराट को मौजूदा दौर में तकनीकी रूप से सबसे मजबूत बल्लेबाज माना जाता है. लेकिन बल्लेबाजी की परिभाषा बदलने वाले विराट को ये मुकाम हासिल करने के लिए खुद को काफी बदलना पड़ा. मैदान में हमेशा फिट नजर आने वाले विराट को अपनी फिटनैस पाने के लिए खुद के पसंद के खाने से भी समझौता करना पड़ा. क्रिकेटिंग करियर के शुरूआत में विराट को नॉनवेज खाने का बेहद शौक था पर जब उनका सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ तो क्रिकेट को अपनी दुनिया मानने वाले विराट ने खुद को तेल से बने व्यंजनों और मीठे से दूर कर लिया. अब वह सिर्फ उबला और ग्रिल किया हुआ खाना ही खाते हैं.
Information news about virat इंग्लैंड हो या ऑस्ट्रेलिया, विराट का बल्ला हर पिच पर रग उगलता है. उनकी इस सफलता के पीछे भी एक गहरा राज छुपा हुआ है. विराट के कोच राजकुमार शर्मा बताते हैं कि भारतीय टीम को जिस देश का दौरा करना होता है विराट उसी के हिसाब से अपनी प्रैक्टिस करते हैं.ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले वह कूकाबूरा गेंदों से प्रैक्टिस करते हैं और इंग्लैंड के दौरे के लिए घास वाली पिच पर पसीना बहाकर खुद को स्विंग गेंदबाजी के लिए तैयार करते हैं.
राजकुमार शर्मा ने उनसे जुड़ा एक और राज खोलते हुए बताया है कि टेस्ट टीम के कप्तान बनने के बाद विराट ने खुद में एक बड़ा बदलाव लाया है. इस जवाबदारी ने उन्हें एहसास कराया कि वह देश का नेतृत्व कर रहे हैं. इस वजह से उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल पर फोकस करते हुए खुद के आक्रमक स्वभाव में बदलाव किया है.
राजकुमार शर्मा ने उनसे जुड़ा एक और राज खोलते हुए बताया है कि टेस्ट टीम के कप्तान बनने के बाद विराट ने खुद में एक बड़ा बदलाव लाया है. इस जवाबदारी ने उन्हें एहसास कराया कि वह देश का नेतृत्व कर रहे हैं. इस वजह से उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल पर फोकस करते हुए खुद के आक्रमक स्वभाव में बदलाव किया है.
विराट के कोच का मानना है कि लगातार खुद को बेहतर बनाने की जिंद और अपनी पसंदीदा व्यंजनों को छोड़कर विराट ने अपनी फिटनेस में काफी सुधार कर लिया है. (यहाँ क्लिक कर विराट कोहली की जीवनी उनकी जाति biography virat hindi )

उन्हें लगता है कि यदि वह सचिन की तरह 24 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेले तो उनके सारे रिकॉर्ड्स तोड़ देंगे. कोच बताते हैं कि सचिन से तुलना किए जाने का विराट पर कोई दबाव नहीं होता है. माना जाता है कि कोहली ने इन दबाव से निपटने के लिए अब खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर लिया है.

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