त्वचा रंग से जानें स्त्री का स्वभाव लड़कियों की पसंद - Top.HowFN

त्वचा रंग से जानें स्त्री का स्वभाव लड़कियों की पसंद

ज्योतिष विद्या में सामुद्रिक शास्त्र का नाम प्रमुखता के साथ लिया जाता है। त्वचा के रंग से स्त्री के स्वभाव का आंकलन भी इसी विद्या की ही एक शाखा है।

स्थान, प्रकृति, जलवायु और मानव जींस के आधार पर सामान्यत: तीन रंग के स्किन कलर, गेहुआं, गहरा और गोरा, प्रचलित हैं। जिनके आधार पर आप किसी भी व्यक्ति के स्वभाव की जांच कर सकते हैं।

जिन लोगों की त्वचा का रंग गहरा या सांवला होता है वह स्वभाव से बेहद मेहनती और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। इनका मानसिक विकास इसलिए ज्यादा बेहतर तरीके से नहीं हो पाता क्योंकि ये लोग सामाजिक रिवाजों और परंपराओं से दूर रहते हैं। इस वजह से ये लोग अकेले रह जाते हैं, ये लोग मेहनती भी बन सकते हैं, उग्र भी और कभी-कभार परिस्थितियां ज्यादा खराब हो तो ये लोग अपराधी भी साबित होते हैं। वे स्त्रियां जिनका रंग अत्याधिक काला होता है, यहां तक कि आंखें, बाल और जीभ भी काली होती हैं, वे स्वभाव से बहुत कोमल कही जा सकती हैं। लेकिन परिस्थितियां अनुकूल ना हों तो ये स्त्रियां काफी हद तक कठोर बन जाती हैं।

काली त्वचा वाली महिलाएं काफी समर्पित होती हैं, प्रेम में वे त्याग की भावना रखती हैं और इन पर आप आंख बंद करके भरोसा कर सकते हैं।

गोरी त्वचा को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। पहली श्रेणी, गोरा और गुलाबी जिसे हल्का पिंकिश कह सकते हैं, इस रंग वाली महिलाएं देखने में बेहद आकर्षक होती हैं। ये बहुत बुद्धिमान और पढ़ने-लिखने की शौकीन होती हैं।

दूसरी श्रेणी है पेल, यानि पीले और सफेद का मिश्रण। इस रंग वाली महिलाएं स्वभाव से विनम्र, गंभीर, धैर्यवान और वेल मैनर्ड होती हैं। जानकारों की मानें तो वे महिलाएं जो गोरी होती हैं, अपने साथी के प्रति समर्पित और बहुत सौभाग्यशाली कही जा सकती हैं। बहुत ही कम ऐसा होता है, जब इन्हें जीवन में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़े। (यहाँ क्लिक कर जाने इन 8 तरह के लोगों पर कभी न करें भरोसा इन से दूर ही रहना चाहिए)

जानकारों के अनुसार इस संसार में सबसे ज्यादा तादात गेहुएं रंग वाले लोगों की है। गेहुएं रंग को भी दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी, जो गोरे रंग की तरफ झुकाव रखते हों। ऐसे लोग जिनका रंग गेहुंआं होते हुए भी थोड़ा गोरा दिखता है, वे लोग मेहनती और कभी-कभार बेहद आलसी हो जाते हैं।

दूसरी श्रेणी में वो लोग आते हैं जिनका गेहुंआं रंग, ज्यादा काले की तरह दिखता है। ये लोग धैर्य और सहनशक्ति के मामले में पिछड़ जाते हैं। ये लोग अपने आसपास किसी भी प्रकार की नॉनसेंस बर्दाश्त नहीं कर पाते।

जिन महिलाओं का रंग ना तो काला और ना गोरा होता है, वे धार्मिक कार्यों में रुचि रखती हैं। ये महिलाएं गृहस्थी संभालकर रखती हैं, मांगने से ज्यादा देने में विश्वास रखती हैं। लाइफ में ज्यादा टेंशन ना लेने वाली ये महिलाएं विश्वसनीय भी होती हैं।

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