Smog meaning in hindi स्मॉग अंग्रेजी के 2 words ' स्मोक + फॉग से मिलकर बना है “Smog” शब्द कई प्रकार की जलवायु परिस्थितियों के उत्सर्जन का एक मिश्रण है इनमे ये शामिल है: Industrial Pollutants (उद्योगों से निकलने वाला प्रदुषण) Vehicle Pollutants (वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण) Open Burning (खुले में कूड़ा व अन्य चीजें जलने से) हमारे देश में अक्सर smog सर्दियों के शुरुआत में शुरू होता है लेकिन कई राज्यों जैसे दिल्ली और आसपास के इलाको में ये समस्या हमेशा बनी रहती है लेकिन सर्दियों की शुरुआत में इसका असर ज्यादा रहता है। इस शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले लंदन में किया गया था हवा को प्रदूषित करने में धूल-मिट्टी के कण, कार्बन मोनोक्साइड सहित अन्य हानिकारक रसायन smog बनता है जो बेहद हानिकारक है

Effects of Smog -
Smog का सबसे ज्यादा असर उन लोगो पर होता है जो अस्थमा से पीड़ित हैं। अस्थमा के लक्षण क्या होते है और उनसे कैसे बचे ये आप यहाँ पढ़ सकते है। साँस लेने में तकलीफ: Smog में जाने पर आपको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है क्यूंकि Smog में मौजूद Ozone कण आपके फेफड़ो पर बुरा असर डालते है।
 आपको ये भी ध्यान रखना चाहिए की Smog का प्रभाव सभी पर एक जैसा नहीं होता। छोटे बच्चे, सीनियर सिटीजन और अस्थमा से पीड़ित लोगो को Smog होने पर बाहर जाने से बचना चाहिए। और जरुरी होने पर मास्क का प्रयोग करना चाहिए।

 Smog इंसानों के साथ साथ जानवरों के लिए भी खतरनाक है यहाँ तक की इससे पेड़ पौधों को भी नुकसान पहुँचता है। Smog होने पर ड्राइविंग करने में बहुत परेशानी होती है ना जाने कितने ही एक्सीडेंट का कारण भी स्मोग ही बन जाता है।

स्मॉग से कैसे बचें Prevention of Smog
•    अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय मास्क लगाने का प्रयास करें। मास्क कई तरह के होते हैं, इन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं।
•    विशेषकर सुबह और रात के समय बाहर निकलने से परहेज करें। कुछ दिन के लिए मॉर्निंग वॉक छोड़ना सही विकल्प होगा।
•    इंडोर एक्सरसाइजों पर जोर दें।
•    आंखों में जलन होने पर पानी से अच्छी तरह से धोएं।
•    रात को सोने से पहले गार्गल (Gargal) कर के सोएं, ऐसा करने से गले और स्वास नली में फंसी गंदगी निकल जाती है।
•    गाड़ी से सफर करते हुए शीशे बंद रखें।
•    अपनी गाड़ी इस्तेमाल करने से बेहतर है मेट्रो या अन्य सार्वजनिक साधनों का प्रयोग किया जाए।
•    अगर संभव हो एयर प्यूरीफायर खरीदें, यह आपके घर की हवा को साफ रखते हैं।
•    घर के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं, छत या बालकनी पर भी कुछ गमले रखकर आप अपने आसपास की हवा को सुधारने में छोटा-सा योगदान दे सकते हैं।
•    ऐसे मौसम में शरीर के अंदर सांस के माध्यम से काफी गंदगी अंदर चली जाती है इसे बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।
•    तुलसी-अदरक  की चाय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
•    डॉक्टर की सलाह पर ऐसे वातावरण में फ्लू के इंजेक्शन भी लिए जा सकते हैं।

•    खुले में कूड़ा-करकट या पत्तियां नहीं जलानी चाहिए और दूसरों को ऐसा करने से मना करना चाहिए। जहां कूड़ा या पॉलीथीन जल रही हो वहां देर तक खड़ा नहीं रहना चाहिए। 

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